जालंधर, ENS: नगर निगम के दायरे में बन रही अवैध इमारतों पर कारवाई न होते देख कई शिकायतकर्ता चीफ विजीलैंस आफिस का रुख कर चुके थे जहां जालंधर के वेस्ट हल्के तथा सेंट्रल हल्के से जुड़े सबसे अधिक शिकायतें पिछले लंबे समय से दबाई जा रही थी। शिकायतकर्ताओं का दबाव कम करने के लिए आज पंजाब लोकल बॉडी विभाग के चीफ विजीलैंस अधिकारी टीम सहित जालंधर नगर निगम पहुंचे जहां उन्होने सबंधित अधिकारियों को लंबी चौड़ी लिस्ट थमा कर मौके का मुआयना करने के लिए कहा। इसी बीच जब यह खबर सत्ता के गलियारों तक पहुंची तो वेस्ट हल्के में टीम को घुसने से फटकार लगा दी गई और वेस्ट हल्के में बन रही किसी भी अवैध इमारत की जांच करने से रोक दिया गया।

मिली जानकारी अनुसार बीते कुछ महीनों से जालंधर में अवैध इमारतों का आंकड़ा कई गुणा बढ़ चुका है इसका सीधा कारण राजनीतिज्ञ संरक्षण बताया जा रहा है। जिससे नगर निगम के राज्सव को बड़ी तेजी से खाली किया जा रहा है। वहीं विभिन्न् सैक्टरों के एटीपी और बिल्डिंग इंस्पैक्टर भी लगातार अपनी कारवाई और ड्यूटी करने में असमर्थ दिखाई दे रहे हैं। कई सूत्रों की माने तो इस कड़ी में कई अधिकारी सत्तापक्ष के साथ मिलकर लाखों रुपयों तक कमा रहे हैं और खुल कर अवैध इमारतों को संरक्षण भी दे रहे हैं।

बता दें कि सीवीओ की टीम पिछले डेढ़ साल पहले भी बड़ी तैयारी के साथ जालंधर पहुंची थी, तब भी सियासी फटकार के बाद वापिस लौट गई थी। हालांकि टीम के जाने के बाद एक-दो बिल्डिंगों को सील किया गया था, मगर उसे 24 घंटों बाद ही बिना कानूनी औपचारिक्ता पूरी किए खोल दिया गया।

इस बार भी टीम का हौंसला उस वक्त डगमगा गया, जब दौबारा वापिस लौटने की फटकार लगाई गई। फिलहाल टीम अभी निगम दफ्तर तथा आसपास बनी इमारतों का डाटा जुटा रही है। दोपहर बाद कारवाई सबंधी पूरी डिटेल सामने आ सकती है। तब तक बने रहिए एनकाऊंटर न्यूज के साथ…
