जालंधर, ENS: किसानों द्वारा मांगों को लेकर डेढ साल से शंभू और खनौरी बॉर्डर पर धरना लगााकर प्रदर्शन किया जा रहा था। वहीं बीते दिन केंद्र के साथ किसानों चली मीटिंग खत्म होने के बाद जब किसान नेता वापिस मोर्च पर पहुंच रहे थे तो रास्ते में ही पुलिस ने किसान नेताओं को डिटेन कर लिया। हालांकि किसान नेता जगजीत डल्लेवाल को उपचार के लिए देर रात 2 बजे पुलिस पिम्स अस्पताल में लेकर आई थी, लेकिन मीडिया को जैसे ही पता चला तो सुबह 8 बजे पुलिस डल्लेवाल को उपचार के लिए पीडब्लयूडी रेस्ट हाउस में उपचार के लिए ले गई।
दूसरी ओर बॉर्डर पर पुलिस द्वारा रास्ते को साफ किया जा रहा है। वहीं बॉर्डर पर किसानों के धरने को पुलिस द्वारा समाप्त करवाने को लेकर कारोबारियों ने राहत की सांस ली है। मामले की जानकारी देते हुए सुधामा मार्किट के कारोबियों ने कहा कि उन्हें काफी समय से धरने को लेकर भारी नुकसान हो रहा था। जिसको लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान से मीटिंग करके मसले को हल करवाने के लिए अपील भी की गई थी। कारोबारी ने कहा कि इस धरने से हजारों करोड़ रुपए का व्यापारियों को नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि कई दिल्ली दिल्ली दौरे के दौरान लंबे रास्ते से घूमकर दिल्ली जाना पड़ता था। इस दौरान ट्रांसपोर्टरों ने भी लंबे रास्ते से सफर तय करने को लेकर दामों में बढ़ौतरी कर ली थी। सरकार द्वारा धरना हटाए जाने को लेकर व्यापारी ने कहा कि इससे व्यापारियों को डेढ़ साल हुए नुकसान के बाद फैसला लिया है। मंदी की मार भारत भर में चल रही है। इस दौरान व्यापारियों को काफी नुकसान हो रहा है। वहीं किसानों के प्रदर्शन को लेकर व्यापारी ने कहा कि उनकी मांगे भी जायज है। हालांकि किसान संगठनों का मांगों को लेकर किया गया प्रदर्शन कामयाब नहीं हो पाया।
वहीं कुलवंत सिंह ने कहा कि किसानों का धरना खत्म होने से व्यापारियों को राहत है। दिल्ली के 6 से 7 घंटे का सफर उन्हें 9 से 11 घंटे में तय करना पड़ता था। इस दौरान ट्रांसपोर्टरों द्वारा सामान की लोडिंग के रेटों में बढ़ौतरी कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को डेढ़ साल से चल रहे धरने से काफी नुकसान हो रहा था। हालांकि उन्होंने किसानों के प्रदर्शन को भी जायज माना है और उनकी मांगे पूरी करने के लिए अपील की है।