जालंधर, ENS: संतोखपुरा में करण ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि करण ने गर्लफ्रैंड से 60 हजार रुपए उधार लिए थे। जिसके बाद उसने 40 हजार लौटा दिए थे और 20 हजार वह घटना वाले दिन लौटाने वाला था। परिजनों का आरोप है कि लड़की वालों ने उसे काफी परेशान किया, जिसके बाद करण ने सुसाइड करके जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना को लेकर पुलिस ने लड़की, उसकी मां मीनू और भाई गगन पर बीते दिन एफआईआर दर्ज कर ली थी, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी मामले को लेकर आज थाना 8 के बाहर परिजनों द्वारा हंगामा किया गया।
दरअसल, थाने में लड़की पक्ष की ओर से शिवसेना की महिला प्रधान आई थी। जिसके बाद युवक के परिजनों के साथ उसका टकराव हो गया। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर हंगामा देखने को मिला। थाना 8 के बाहर दोनों पक्ष गाली गालौच करने लगे और एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाने लगे। जिसके बाद महिला प्रधान एक्टिवा लेकर चली गई। पुलिस ने महिला प्रधान के बयान दर्ज कर लिए है। इस दौरान थाने के बाहर पुलिस के सामने जमकर हंगामा हुआ। युवक के परिजनों का कहना है कि अभी तक उन्हें बेटे की मौत का इंसाफ नहीं मिला।
इस दौरान महिला प्रधान एक्टिवा पर सवार होकर जाने लगी तो युवक पक्ष के लोग भड़क गए और उसे रोकने की कोशिश की। जिसके बाद युवक पक्ष के कुछ परिजनों ने महिला प्रधान को जाने दिया और अपने साथियों को रास्ता रोकने से मना किया। जिसके बाद एक्टिवा पर सवार होकर जाते समय महिला प्रधान ने धमकी दी कि वह उन्हें बाद में देख लेंगी। इस दौरान युवक पक्ष कहने लगे कि यह बात कैमरे में रिकार्ड कर ली है। उनका कहना हैकि महिला प्रधान आज थाने में आकर उन्हें गालियां दे रही थी। इसी बात को लेकर मामला गरमाया गया था और थाने के बाहर माहौल तनवापूर्ण बन गया था। परिवार का कहना हैकि लड़की श्वेता, मां और भाई को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
वहीं थाना प्रभारी ने कहा कि सुसाइड मामले में 86 नंबर एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले को लेकर पीड़ित पक्ष उसके साथ मिलने के लिए पहुंचे था। जिसके बाद राजरानी नामक महिला के साथ पक्ष की बहसबाजी हो गई। दोनों में विवाद के बाद हाथापाई हो गई। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों ने शिकायत दी है। दोनों के बयानों पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।