जालंधर, ENS: महानगर के एडवोकेट मंदीप सचदेवा से रंगदारी के पैसे लेने आए पक्का बाग निवासी कपड़ा व्यापारी सैम से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे शुक्रवार रात क्लीन चिट देने के बाद घर भेज दिया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला कि सैम फिरौती के पैसे लेने नहीं गया था बल्कि उसे बताया गया था कि वकील एक गरीब युवक के गुर्दे के इलाज के लिए 50 हजार रुपये दान करना चाहता है, जिसे वह लेने के लिए गया था। कपड़ा व्यापारी सैम ने बताया कि उसे विदेशी नंबर से एक युवक का फोन आया था, जिसमें उसे धमकी दी गई और फिरौती की मांग की गई।
उसे लेकर पिछले कुछ दिनों से व्हाट्सएप चैट चल रही थी, उसने पैसे मांगने वाले को कहा कि वह पैसे देने में असमर्थ है लेकिन इसके बावजूद गैंगस्टर उसे धमकाता रहा। इसके बाद विदेशी नंबर से काल करने वाले ने कहा कि अगर वह पैसे नहीं दे सकता तो उसे प्लाजा चौक के पास एडवोकेट मंदीप सचदेवा के दफ्तर जाना होगा। वह एक गरीब युवक के किडनी के इलाज के लिए 50 हजार रुपये दान करना चाहता था। पैसे लेने के बाद उसे दोबारा फोन करना और उसका आदमी नकोदर से आकर पैसे ले जाएगा अगर वह पैसे लेने नहीं गया तो उसके परिवार को मार दिया जाएगा, जिसके चलते वह वकील मंदीप सचदेवा के दफ्तर गया, जहां पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पुलिस ने सैम के मोबाइल को जब्त कर लिया है और उसकी चैट और कॉल डिटेल्स के लिए फारेंसिक जाँच के लिए भेज दिया है। बता दे कि वरिष्ठ वकील मनदीप सिंह को कनाडा से संचालित एक फेसबुक अकाउंट के जरिए रंगदारी और जान से मारने की धमकियां देने के बाद पैसे लेने आए आरोपित को सीआइए स्टाफ की टीम ने गिरफ्तार कर लिया था। वकील ने पुलिस कमिश्नर जालंधर को दी शिकायत में आरोप लगाया कि कुछ लोग उनसे 1.5 लाख की रकम ऐंठने की मांग की गई थी और पैसे न देने पर उन्हें और उनके परिवार को गंभीर नुकसान पहुंचाया जाने का कहा गया था। वकील ने शिकायत में बताया कि 12 सितंबर 2025 को उन्हें फेसबुक मैसेंजर पर पिंड एबोट्सफोर्ड वाले नामक अकाउंट से संदेश आया था।
इसमें उनसे 1.5 लाख की मांग की गई और वह अकाउंट संदीप सिंह उर्फ सनी कनाडा से चला रहा था। शिकायत मिलने पर पुलिस ने जतिंदर सिंह उर्फ साबी, संदीप सिंह उर्फ सनी और एक अज्ञात व्यक्ति जट्ट के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था, जिसके चलते एडवोकेट सचदेवा ने वीरवार शाम को आरोपित को पैसे देने के लिए बुला लिया। मौके पर सीआइए स्टाफ की टीम वकील के पास केस देने के बहाने बैठे थे। जैसे ही आरोपित पैसे लेने आया उसे काबू कर लिया गया था।
