जालंधर, ENS: सिविल अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में बीते दिन 3 मरीजों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ऑक्सीजन प्लांट में अचानक खराबी आ गई। जिसके कारण ऑक्सीजन की सप्लाई में कमी हो गई और उसके कुछ देर बाद 3 मरीजों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते देर रात सेहत मंत्री बलबीर सिंह और डीसी हिमांशु अग्रवाल सिविल अस्पताल पहुंचे, जहां सेहत मंत्री ने चंडीगढ़ टीम को मामले की जांच के आदेश दिए, वहीं डीसी हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि इस घटना को लेकर 9 मैंबरी कमेटी का गठन किया गया है, जोकि बुधवार को मामले की रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं आज चंडीगढ़ से टीम जालंधर सिविल अस्पताल में मामले की जांच करने पहुंची है।
दूसरी ओर घटना को लेकर आज सिविल अस्पताल में कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत भी पहुंचे। मामले की जानकारी देते हुए मोहिंदर भगत ने कहाकि इस घटना की सूचना मिलने पर देर रात सेहत मंत्री बलबीर सिंह, डिप्टी कमिश्नर, एमएस सहित कई अधिकारी अस्पताल पहुंचे और मामले का उन्होंने जायजा लिया। उन्होंने कहाकि वह कल किसी काम के सिलसिले के कारण जांलधर से बाहर थे, जिसके कारण वह कल अस्पताल नहीं पहुंच पाए। लेकिन आज अस्पताल में इस घटना को लेकर डॉक्टरों से मामले संबंधी जायजा लिया गया। मोहिंदर भगत ने कहा कि यह दुखदायी घटना है। उन्होंने कहाकि मामले के कारणों का पता लगाया जा रहा है, वहीं यह घटना दोबारा ना हो उसके लिए भी जांच चल रही है।
मोहिंदर भगत ने कहाकि लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। इस दौरान मृतकों के परिवार को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया। उन्होंने इस घटना को राजनीतिक रूप ना देने की अपील की है। कैबिनेट मंत्री ने कहाकि चंडीगढ़ से डायरेक्टर सहित टीम आई है और वह गहनता से मामले की जांच कर रही है। घटना को लेकर विपक्ष नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों को कैबिनेट मंत्री ने बे बुनियाद बताया है। बता दें कि बीते दिन सिविल अस्पताल पहुंचे सेहत मंत्री ने कहा है कि मामले की जांच करने के लिए चंडीगढ़ से हेल्थ डायरेक्टर व उनकी टीम सिविल अस्पताल में घटना का जायजा लेंगी। टीम जो रिपोर्ट पेश करेगी उसके आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहाकि इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है। ऐसे में कमेटी द्वारा मामले की जांच की जा रही है। डीसी ने कहाकि सिविल सर्जन से भी घटना को लेकर बात की गई है। वहीं डीसी ने भी माना है कि प्लांट में कमी आई थी, लेकिन उन्होंने कहा कि मरीजों की मौत इस घटना के बाद हुई है। ऐसे में अभी मरीजों की मौत को लेकर ऑक्सीजन की कमी को लेकर जांच की जा रही है। उन्होंने कहाकि कमेटी मामले की जांच के बाद बुधवार को रिपोर्ट सौंपेगी। डीसी ने कहाकि मामले में अगर कोई लापरवाही पाई गई तो जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सेहत मंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन सप्लाई चेंज के दौरान कंप्रेशर कम हो गया था। तीन मरीजों में से 2 मरीज मल्टी ऑर्गन फेल थे और वेंटिलेटर पर थे। तीनों मरीजों की मौत के समय में अंतर है। उन्होंने कहा कि तीनों मरीजों की मौत की जांच होगी जांच और इसमें जिसकी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सेहत मंत्री ने कहाकि सही कारण का पता लगाया जा रहा है। चंडीगढ़ से आने वाली हेल्थ डायरेक्टर की टीम को 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सोंपने के लिए कह दिया है। डीसी हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि तीन मरीजों की मौत का कारण पता करवाया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।