जालंधर, ENS: रेप केस मामले में विवादों में फंसे फिल्लौर के एसएचओ भूषण कुमार की मुश्किलें लगातार बढ़ रही है। बीते दिन भूषण कुमार के खिलाफ पोक्सो एक्ट का भी मामला दर्ज हुआ है। वहीं अब विवादित मामले को लेकर भूषण कुमार का परिवार मीडिया के सामने आया है। इस दौरान परिवार ने भूषण कुमार पर लगे आरोप बेबुनियाद बताए। भूषण की पत्नी नीलम कुमारी ने कहाकि कामरेड रामजी ने मिलकर साजिश रची है और उन्हें फंसाया है। आरोप है कि महिला को लेकर भूषण कुमार को गलत पर्चे दर्ज करने का दवाब बनाया गया, लेकिन उन्होंने मना किया। जिसके बदले में पहले डेढ लाख मांगे गए और बाद में 5 लाख रुपए की मांग की गई।
वहीं बेटे ने दूसरे अन्य केस में बनियान में पिता की वीडियो को लेकर बताया कि यह अन्य केस का मामला है। इस दौरान उन्हें वीडियो कॉल करके पंच, सरपंच सहित अन्य महिला ने ने बात की और उनसे पर्सनल मिलने के लिए कहा। जिसमें उसके पिता भूषण कुमार ने कहाकि वह छुट्टी पर है, वह दफ्तर में अधिकारी से मिल लें। लेकिन वह उनके साथ ही मिलने की जिद्द पर अड़े रहे। इस दौरान उन्होंने रूम में ही बुलाकर बात करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इस मामले में पिता उन्हें रास्ते के बारे में बता रहे है। लेकिन उस वीडियों को अन्य रिकार्डिंग के साथ जोड़कर बनाया गया है। बेटे ने कहाकि जिस रूम में उनके पिता रूके हुए थे, उस घर में नीचे दुकान है और वहां सीसीटीवी कैमरे लगे हुए है।
वह उक्त दुकान से सीसीटीवी फुटेज मुहैया भी करवा सकता है। बेटे ने आरोपों को बेबुनियाद बताया और उन्हें फंसाने की साजिश बताया। बेटे ने कहा कि कुछ समय पहले फिल्लौर के गांव में मेले में उक्त गांव के जरनैल, राम सहित अन्य लोग शामिल हुए थे। जहां यह लोग मेले में पार्टी का मुद्दा लेकर आए थे और उसके पिता ने भरी सभा में उनसे माइक छीन लिया था और कहा था कि धार्मिक प्रोग्राम में कोई राजनीति मुद्दे पर बात नहीं की जाएगी। बेटे का आरोप है कि उसी की रंजिश निकाली जा रही है। मुद्दा गरमाने के बाद पिता ने माफी मांग ली और बताया कि वह धार्मिक प्रोग्राम में राजनीतिक मुद्दा नहीं चाहते थे। लेकिन उसके बावजूद रंजिश रखी।
बेटे ने कहा कि उसके बाद वह खुद उक्त लोगों के पास पहुंचा, लेकिन उन्होंने एक ना सुनी। परिवार ने इस मामले के दौरान थ्रेट कॉल दी जाने की धमकियां देने के आरोप लगाए है। इस दौरान आरोप लगाए है कि कभी उनसे एक करोड़ रुपए की मांग की जा रही है और कभी 50 लाख रुपए मांगे जा रहे है। परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। परिवार का कहना है कि उनके पास ब्लैकमेलिंग कॉल की वीडियो मौजूद है। इस डर के कारण उनके बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे और उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही।