जालंधर, ENS: बस स्टैंड पर स्थित आरटीओ दफ्तर लगातार विवादों में चल रहा है। दफ्तर में पहले भी कई बार लोग भेदभाव के आरोप लगा चुके है। एक बार फिर से लोगों ने आरोप लगाए है कि दफ्तर में एजेंटों का बोल-बाला है, और आम जनता यहां लगातार परेशान हो रही है। आरोप है कि दफ्तर के अधिकारियों और चपड़ासी द्वारा लोगों के साथ गलत व्यवहार किया जाता है। इसकी वीडियो भी सामने आई है, जहां लाइन में लगे व्यक्ति ने चपड़ासी से अंदर जा रहे चाचा नामक व्यक्ति के बारे में पूछा तो चपड़ासी वीडियो में जान पहचान का कहता हुआ दिखाई दिया।
इस बात को लेकर व्यक्ति द्वारा चपड़ासी पर लाइन में लगे लोगों के साथ भेदभाव के आरोप लगाए है। वहीं अन्य व्यक्ति ने कहा कि वह पिछले 7 दिनों से चक्कर काट रहा है। उनका कहना है कि उनके द्वारा नेशनल परमिट की टिकट का ई-मेल का जवाब नहीं दिया जा रहा। व्यक्ति ने कहा कि एक महीने पहले टिकट अरेंज करवाई थी और टिकट को लेकर आ रही दिक्कत के बारे में वह पिछले 7 दिनों से आरटीओ दफ्तर के चक्कर काट रहा है।
पीड़ित ने कहा कि टिकट में क्या दिक्कत आ रही है, इसका जवाब आरटीओ दफ्तर की मैडम मनीष द्वारा ई-मेल के जरिए दिया जाना है, लेकिन पिछले 7 दिनों से उनके द्वारा जवाब नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि अगर मैडम टिकट का जवाब दे दें तो उनका मसला हल हो जाएगा। परमिंदर सिंह ने कहा कि वह कई दिनों से काम को लेकर चक्कर काट रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
वहीं अन्य व्यक्ति ने आरोप लगाए है कि वह आरसी के सिलसिले में आया हुआ था, लेकिन यहां पर एजेंटों सहित चपड़ासी द्वारा मिलीभुगत से चहेतों के काम किए जा रहे है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। दूसरी ओर नौजवान ने कहा कि वह लाइसेंस अप्रूव के लिए दफ्तर आया था। वह काफी समय से दफ्तर में खड़ा है, लेकिन कमरे में ताला लगाकर अधिकारी चले गए है, जिसके कारण उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
