जालंधर, ENS: भाखड़ा, पौंग व रणजीत सागर बांधों के गेट लगातार खुले रहने के कारण पंजाब में बाढ़ का दायरा बढ़ गया है। 10 जिलों के 900 से अधिक गांव इसकी चपेट में आ गए हैं। इनमें से 300 से अधिक गांवों में गांवों में 5 से 8 फीट तक पानी भरा हुआ है। वहीं बारिश को लेकर आज भी मौसम विभाग द्वारा ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर जालंधर में हो रही बारिश ने एक बार फिर से लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में अगर लगातार बारिश होती है तो एक बार फिर से जालंधर सहित पंजाब के अन्य जिलों में आई बाढ़ से हालात खराब हो सकते है।
दरअसल, इस समय शाहकोट के मंडाला छन्ना में बाढ़ से हालात गांवों में काफी खराब हो गए है। हालांकि दो दिन पंजाब में बारिश ना होने से लोगों ने राहत की सांस ली थी और पानी का लेवल भी कुछ कम हो गया था। लेकिन अब दोबारा से हो रही बारिश के कारण एक बार फिर से लोगों के साथ-साथ प्रशासन को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। हाल ही में सासंद चरणजीत सिंह चन्नी बाढ़ ग्रस्त गांवों में जायजा लेने पहुंचे थे। जहां लोगों ने बताया कि गांव में पानी आने से उनका भारी नुकसान हो गया है।
लोगों ने बताया 10 किले जमीन ही बची है। गांव वासियों ने कहा कि प्रशासन का कोई अधिकारी जायजा लेने नहीं पहुंचा। लोगों ने कहा कि मंडाला छन्ना गांव में 2019 और 2023 में बाढ़ आ चुकी है। वहीं अब दोबारा बाढ़ आने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सासंद चन्नी ने कहा कि 10 से 15 हजार एकड़ जमीन पानी से डूब गई है। हालात यह हो गए हैकि लोगों के पशु पानी में डूब गए। घरों में पानी घुस गया और कई एकड़ फसल खराब हो गया। उन्होंने कहा कि गांव में एक कच्चा बन है जो हर बार टूट जाता है और लोगों को पानी की मार झेलनी पड़ती है।