जालंधर, ENS: महानगर के पठानकोट चौक के पास स्थित कपूर अस्पताल को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। जहां, फोकल प्वाइंट क्षेत्र की एक निजी कंपनी में काम करने वाले मजदूर प्रमोद कुमार चौरसिया मशीन चलाते समय हादसे का शिकार हो गए। काम के दौरान उनका हाथ मशीन में आ गया, जिससे उनके हाथ का पंजा बुरी तरह कट गया।
इलाज के लिए कपूर अस्पताल में कराया गया भर्ती
हादसे के बाद घायल मजदूर को तुरंत इलाज के लिए कपूर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित का आरोप है कि अस्पताल में उसका पूरा और सही इलाज नहीं किया गया। आधा-अधूरा इलाज करने के बाद उसे जल्दबाजी में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
गलत मेडिकल रिपोर्ट बनाने का आरोप
पीड़ित मजदूर और उसके समर्थन में धरना दे रहे लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पताल के डॉक्टरों ने इलाज से जुड़ी गलत मेडिकल रिपोर्ट तैयार की। धरना दे रहे लोगों ने मीडिया के सामने कथित गलत रिपोर्ट की पर्ची दिखाते हुए न्याय की मांग की।
डॉक्टर और कंपनी मालिक की मिलीभगत का आरोप
धरना दे रहे लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में अस्पताल के डॉक्टरों और कंपनी मालिक की आपसी मिलीभगत है। आरोप है कि जानबूझकर मजदूर के केस को कमजोर दिखाने की कोशिश की गई, ताकि उसे उसका हक और मुआवजा न मिल सके। प्रदर्शनकारियों ने इसे गरीब मजदूर के साथ सरासर अन्याय बताया।
पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग
धरना दे रहे लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और पीड़ित मजदूर को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को बताया झूठा
वहीं, मीडिया से बातचीत करते हुए कपूर अस्पताल के डॉक्टर ने सभी आरोपों को खारिज किया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि धरना दे रहे लोग जानबूझकर उन्हें फंसाने के लिए फर्जी रिपोर्ट दिखा रहे हैं। डॉक्टर ने कहा हमारे तरफ से कोई भी गलत मेडिकल रिपोर्ट नहीं बनाई गई है।
