जालंधर, ENS: सिविल सर्जन कार्यालय में काटे गए100 साल पुराने पेड़ को लेकर आज विरोध जताया जा रहा है। इस विरासती वृक्षों की कटाई के विरोध में समाज सेवी तेजस्वी मिन्हास व एक्शन ग्रुप अगेंस्ट प्लास्टिक पॉल्यूशन (एजीएपीपी) के डा. नवनीत भुल्लर के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। मामले की जानकारी देते हुए मॉडल टाउन के रहने वाले समाज सेवी तेजस्वी मिन्हास ने कहा प्रशासन द्वारा सिविल अस्पताल में 100 साल पुराने 20 पेड़ को काटना शुरू कर दिया।
तेजस्वी ने कहा कि 16 सितंबर को इसका काम रोका गया था और इसकी एजीएपीपी में इसकी शिकायत की गई और उसकी कॉपी कॉट्रेक्टर को भेज दी गई थी। आरोप है कि उसके बावजूद अगले दिन रातों रात जेसीबी मशीन के जरिए पेड़ों को काट दिया गया। इस मामले में तेजस्वी ने कहा कि क्रिमिनल केस दायर किया जाए और लोगों से अपील की है कि वह पेड़ को बचाने में उनकी मदद करें।
तेजस्वी ने कहा कि पीडब्लयूडी ने ठेकेदार को वृक्ष काटने का अधिकार तो दिया है लेकिन वातावरण पर पड़ने वाले असर तथा वृक्ष काटने के विकल्पों पर कोई वैज्ञानिक अध्ययन नहीं किया गया है। नई बिल्डिंग में इन विरास्ती वृक्षों को शामिल किया जा सकता था, लेकिन इसके बारे में कुछ नहीं सोचा गया और वृक्षों को बेरहमी से काटने का काम शुरू कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि इन वृक्षों को बचाने की कोशिश के लिए आज उनके द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया है। मिन्हास ने कहा कि भारत में सबसे कम वन क्षेत्र हैं और शहरी इलाकों में बहुत कम पुराने पेड़ बचे हैं, जिनमें अधिकांश को विकास के नाम पर बिना सोचे-समझे काटा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस सबंध में उनके द्वारा नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में एक मामला दायर किया गया है, जिस पर जल्द ही सुनवाई होने की उम्मीद है।
