जालंधर, ENS: ट्रैफिक पुलिस लोगों को तो नियमों का पाठ पढ़ा रही है और रोजाना नियमों की उल्लघंना करने वाले वाहन चालकों का चालान भी काट रही है। लेकिन शायद ये नियम पुलिस कर्मियों पर लागू नहीं होते। आप लोगों ने वह गाना तो सुना ही होगा, साडे आपने रूल, साडे आपने असूल, यह गाना शायद पुलिस कर्मियों पर स्टीक बैठता है। दरअसल, शहर में इसी महीने से कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से सीसीटीवी कैमरों से ई-चालान शुरू किया गया है। पुलिस द्वारा 2 हफ्तों में 1500 से ज्यादा ऑनलाइन चालान काटे गए।
लेकिन हैरानी की बात है कि एक तरफ पुलिस लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरुक कर रही है तो वहीं, दूसरी तरफ पुलिस के मुलाजिम ही नियमों की अवहेलना करने में सबसे आगे है। कमांड एंड कंट्रोल रूम में सीसीटीवी कैमरों से ट्रैफिक नियमों की चैकिंग करने वाले मुलाजिमों को अपने पुलिस मुलाजिमों पर भी आम लोगों की तरह कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए तभी लोग ट्रैफिक नियमों को लेकर सीरियस होंगे। लेकिन ऐसा कम देखने को मिला है कि पुलिस अपने मुलाजिमों के चालान काटे। इन तस्वीरों में भी ट्रैफिक मुलाजिमों के नंबर प्लेट दिखाई दे रही है।
बीएमसी चौक पर सीसीटीवी कैमरे सबसे ज्यादा एक्टिव रहते हैं, वहीं तस्वीर में देखा जा सकता है कि सुबह पुलिस की महिला मुलाजिम जेब्रा क्रासिंग से काफी आगे खड़ी नजर आई और उसने हेलमेट भी नहीं पहना था। इसी दौरान बीएमसी चौक से कचहरी चौक की ओर जाता पुलिस मुलाजिम बिना हेलमेट और बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल पर सवार नजर आया। बीएमसी चौक के पास खड़ी पुलिस की इमरजेंसी रिस्पांस टीम की गाड़ी पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी हुई थी। यह गाड़ी अधिकतर समय बीएमसी चौक पर ही खड़ी रहती है।
