जालंधर, ENS: थाना पतारा के अधीन आते इलाके में खड़ी कार को शरारती अनसंरो द्वारा आग लगा दी गई। इस घटना को लेकर 2 साल से अधिक का समय बीत गया, लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं गई। वहीं इस मामले को लेकर पीड़ित ने थाना पतारा के एसएचओ पर पैसे लेने के आरोप लगाए है। इसकी रिकार्डिंग भी सामने आई है, जिसमें व्यक्ति थाना पतारा के एसएचओ राम किशन से पैसों को लेकर बात कर रहा है। इस दौरान थाना प्रभारी से पीड़ित पूछ रहा है कि उनके 5 हजार रुपए है। वहीं अन्य कर्मी भी उससे पैसे मांग रहे है। इस दौरान रिकार्डिंग में पुलिस अधिकारी उन्हें भी देने के लिए कह रहा है।
इस मामले को लेकर पीड़ित सुखजीत सिंह ने आज प्रेस वार्ता करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है। पीड़ित सुखजीत सिंह ने कहा कि वह गांव चांदपुर का रहने वाला है और वह पेशे से खेती-बाड़ी का काम करता है। सुखजीत सिंह ने बताया कि 11 और 12 मई 2024 की दरमियानी रात को वह घर में परिवार के साथ सोया हुआ था। इस दौरान उसकी ब्रेजा कार नंबर PB08 FC 6165 आंगन में खड़ी थी। अचानक कार का सायरन बजा तो वह सायरन की आवाज सुनकर परिवार सहित बाहर आ गया। पीड़ित के अनुसार उसने देखा कि उसकी गाड़ी में आग लगी हुई थी।
जिसके बाद उसने घटना को लेकर थाना पतारा की पुलिस को सूचना दी। थाना पतारा ने इस संबंध में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी। सुखजीत सिंह ने कहा कि उसने मेजर सिंह पुत्र सरदारा सिंह चांदपुर और जगजीत सिंह पुत्र प्यारा सिंह पर आग लगाने का शक जताया था। दरअसल, वह उसके साथ रंजिश रखते थे और गांव के नौजवानों को उसके खिलाफ उकसाते थे। इसके बाद उसने एसएसपी हरकमलप्रीत सिंह खख से मुलाकात की थी और उनके आदेशों पर थाना पतारा की पुलिस ने FIR दर्ज कर दी थी।
पीड़ित के अनुसार जिन व्यक्तियों पर उसे शक था उनके खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस दौरान वह कई बार थाना पतारा के एसएचओ से भी मिला, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित का आरोप है कि उसे इंसाफ दिलाने की बजाये उससे थाना प्रभारी द्वारा पैसों की मांग की गई। जिसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग उसके पास है। इस मामले को लेकर पीड़ित ने हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की है। सुखजीत सिंह ने बताया कि आज लगभग करीब 2 साल बीतने को हो गए है, लेकिन उसे इंसाफ नहीं मिल रहा। जिसके कारण आज पीड़ित ने प्रेस वार्ता करके उच्च अधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगाई है।
