जालंधर, ENS: महानगर में नाबालिग को पुलिस थाना 6 में ले गई। जहां पीड़ित परिवार थाने पहुंचा तो पुलिस द्वारा गेट बंद कर दिए गए। इस मामले को लेकर को परिजनों द्वारा हंगामा किया गया। मामले की जानकारी देते हुए महिला ने कहा कि उसका बेटा 10वीं कक्षा का छात्र है और 17 वर्षीय उम्र है। महिला ने कहाकि उसके बच्चे को पुलिस उठाकर ले गई, जिसके बाद वह सूर्य एंक्लेव थाने पहुंची तो पुलिस ने कहा कि उसके बेटे को थाना 6 में ले जाया गया।
जिसके बाद वह थाना 6 में परिवार पहुंचा तो वहां थाने के गेट बंद कर दिए गए। महिला ने कहा कि 6 घंटे से उसके बेटे को पुलिस उठाकर ले आई है, लेकिन उसके बेटे के बारे में कुछ भी बताने को कोई पुलिस अधिकारी तैयार नहीं है। महिला ने रो-रो कर गुहार लगाई है कि अगर उसके बेटे को कुछ हो गया तो वह थाने के बाहर अपनी जान दे देंगी। वहीं पुलिस कर्मी का कहना है कि स्नेचिंग की वारदात दोपहर को हुई थी और उस मामले में जांच की जा रही है।
वहीं लड़के के पिता ने कहा कि दोपहर से उसके बेटे को पुलिस उठाकर ले गई। देर रात 12 बजे से वह शहर के सभी थानों में बेटे को ढूंढने के लिए घूमते रहे और पता चला कि थाना 6 में उसके बेटे को पुलिस लेकर आई है। पिता ने आरोप लगाए है कि पुलिस लाइन में वह गया और उसे पुलिस कर्मी कहने लगे वह यहां कैसे आ गए और उनकी पिटाई की जाएगी। देर रात थाना 6 के बाहर काफी देर तक हंगामा होता रहा। जिसके बाद पुलिस अधिकारी से बात करनी चाही लेकिन कोई अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं था।
आरोप है कि नाबालिग लड़की का फोन छीनकर बच्चा भाग गया था। इस मामले को लेकर शिकायत मिलने पर घटना स्थल पर पुलिस पहुंची और उसे पूछताछ के लिए थाने लेकर आ गई। जहां बच्चे से पूछताछ की जा रही है। हालांकि परिवार द्वारा पुलिस पर गलत व्यवहार करने और बच्चे को झूठे केस में फंसाने के आरोप लगाए जा रहे है।