जालंधर, ENS: मॉडल टाउन गुरुद्वारा के बाहर थार चालक फाइनेंसर लक्की ओबेरॉय का गोलियां मारकर कत्ल कर दिया गया। इस घटना की लाइव वीडियो सामने आई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि ब्लैक हुड में नौजवान पैदल आता है और थार में सवार लक्की ओबरॉय पर फायरिंग करके फरार हो जाता है। इस दौरान दूसरा व्यक्ति एक्टिवा पर सवार खड़ा होता है। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी एक्टिवा पर सवार होकर फरार हो जाते हैं। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहले रेकी की थी। आरोपी ने रेकी करने के बाद घटना को अंजाम दिया। लक्की आज सुबह 8:15 बजे रोजाना की तरह गुरुद्वारा में माथा देखने के लिए आए हुए थे।
इस दौरान गुरुद्वारा के बाहर उन पर हमलावरों द्वारा ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गई। इस घटना को लेकर एक्टिवा सवार आरोपियों की तस्वीर भी सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज में सफेद रंग की एक्टिवा पर सवार 2 व्यक्ति दिखाई दे रहे है। घटना की मुख्य वजह कॉलेज की प्रधानगी सामने आई है। घटना को लेकर गैंग ने पोस्ट शेयर कर हत्या की जिम्मेदारी ली है। जस्स भुट्टर ने पोस्ट शेयर कर लिखा है कि जब हमने खालसा कॉलेज जालंधर का प्रधान लगाया था तो सबको बता कर लगाया था।
आज कुछ लोग उठकर बोलने लगे हैं कि प्रधानगी वापिस ले ली जाए। खालसा कॉलेज जालंधर में शेरू ग्रुप की ओर से भाजी तजिंदर सिंह (शेरू भाजी) के होने से ही ऐसा चल रहा है। बाकी, सरदार नछत्तर सिंह बेई की ओर से यह हर साल प्रधानगी दी जाती है, सारे शेरू ग्रुप से सलाह करके प्रधान बनाया जाता है। और वह जो फेसबुक पर स्टोरी जोड़ी-फोल्डर वाली ने डाली है कि हमारा दोनों प्रधानगी से कोई लेना-देना नहीं है—मैं एक बात साफ कह दूं, वीर बुद्धू से हमारा भी कोई लेना-देना नहीं है। जोड़ी प्रधानगी पहले हुई, हर साल की तरह वही हमारे खालसा कॉलेज जालंधर की प्रधान है।
दूसरी बात, तू भी वीर प्रधान को कहता है कि तू प्रधानगी वापस कर दे—वीर 2024-2023-2022-2021-2020 में तू इंडिया पंजाब में ही था, तब कर लेता जो करना था। अब तू अमेरिका जाकर फेसबुक पर पोस्टें डाल रहा है, कोई बात नहीं, जब चाहे जहाँ चाहे खुला बुलावा है। पर बात मरने-मार देने वाली मत कर, सीधे आकर एक-एक बात बताकर न बताकर किसी को न भेजी जा। जब पंजाब में था तब तूने बेई न्छत्तर को बहुत मान दिया, मानता था; आज अमेरिका जाकर तेरी हवा खराब हो गई है, भाई। हम शेरू ग्रुप वाले हैं, भाई, बता कर प्रधान लगाया था। वाहिगुरु जी का खालसा वाहिगुरु जी की फ़तेह, पक्के शेरू ग्रुप वाले।
