जालंधर, ENS: बस स्टैंड पर उस समय भारी हंगामा हो गया, जहां लीगल परमिशन अफसर द्वारा द्वारा बच्चों से मंगवाने को लेकर कार्रवाई की गई। इस दौरान महिलाओं ने रो-रो कर हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान अधिकारी ने बताया कि बच्चों का मेडिकल करवाने के लिए सिविल अस्पताल ले जाया जा रहा है और उसके बाद बच्चों को सीडब्लयूसी में ले जाया जाएंगा, जहां मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं बच्चों को पुलिस के साथ मौजूद अधिकारियों द्वारा ले जाने के लेकर माता-पिता द्वारा हंगामा किया जाने लगा।
जिला प्रोग्राम अधिकारी मनजिंदर सिंह ने बताया कि बाल भीख मांगने के मामले में सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘जीवनज्योत प्रोजेक्ट’ के तहत जिले की विभिन्न जगहों पर चैकिंग की जा रही है। मनजिंदर सिंह ने कहा कि उनके और जिला बाल सुरक्षा अधिकारी अजय भारती के नेतृत्व वाली टीमों द्वारा जहां बस स्टैंड समेत विभिन्न चौकों में छापेमारी की गई, वहीं जिले के विभिन्न ब्लॉकों में बाल विकास प्रोजेक्ट अधिकारियों के नेतृत्व में टीमों द्वारा चेकिंग की गई।
उन्होंने बताया कि इस मुहिम दौरान 10 बच्चे बेगरी एक्ट के तहत रेस्क्यू किए गए है, जिनमें 6 लड़कियां और 4 लड़के शामिल है। उन्होंने बताया कि छुड़ाए गए बच्चों की उम्र 6-14 साल के बीच है, जिनका सिविल अस्पताल से मैडिकल करवाया गया। मैडिकल के बाद बच्चों को बाल कल्याण समिति, जालंधर के पास पेश किया गया। उन्होंने कहा कि बाल भिक्षा को रोकने के लिए पंजाब सरकार की हिदायतों की पालन में यह रेस्क्यू रेड लगातार जारी रहेंगी ताकि जालंधर को भिक्षा मुक्त किया जा सके।
इसकी तस्वीरें भी सामने आई है, जिसमें देखा जा सकता है कि बच्चों को कार में बिठाकर अधिकारियोंं द्वारा ले जाया जा रहा है। इस दौरान अधिकारियों का कहना हैकि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए यह कदम उठाए जा रहे है, जबकि बच्चों के माता-पिता द्वारा उनसे भीख मंगवाकर उनका बचपन खराब किया जा रहा है। मामले की जानकारी देते हुए मेसर ने बताया कि वह यूपी की रहने वाली है और यहां घास मंडी में रहती है। महिला ने कहा कि उसे पति का फोन आया और वह उससे बात कर रही थी।
इस दौरान उसकी 2 बेटियों को पकड़कर अनाथ आश्रम ले गए। जिसमें एक लड़की 10 साल की है और दूसरी 12 साल की है। महिला का कहना है कि वह बच्चों से भीख नहीं मंगवा रही थी, लेकिन उसके बच्चों को नाजायज अनाथ आश्रम में ले जाया गया। वहीं दूसरी महिला ललती ने कहा कि वह मध्य प्रदेश की रहने वाली है और नींबू लगाने आई थी। महिला ने कहा कि वह उसकी दादी की मौत हो गई और कल वह घर वापिस जाने वाली है। यहां पर वह बूटा मंडी में रही है। बच्चों से भीख मांगे जाने के मामले में कहा कि वह बच्चों से नींबू बिकवा रही थी और आज ही बेटे को लेकर आई थी।