जालंधर, ENS: मुंबई में पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी के कत्ल कांड में शामिल चौथा आरोपी जाशीन अख्तर जालंधर के नकोदर के शंकर गांव का है। 21 वर्षीय जीशान अख्तर पर शूटर्स को कमरा दिलवाने व हिदायतें देने का आरोप लगा है। आरोपी जीशान के खिलाफ आधा दर्जन से ज्यादा ऑर्गेनाइज्ड क्राइम, मर्डर और डकैती के मामले दर्ज है। आरोपी 19 साल की उम्र में गैंगस्टरों के लिंक में आया था। जीशान के परिवार में उसका बड़ा भाई, पिता और मां है। भाई पिता के साथ मिल कर टाइल व पत्थर का काम करता है।
वहीं मामले की जानकारी देते हुए गांव के युवक गगन ने बताया कि जशीन अख्तर पहले तो ठीक था और पिता से साथ वह टाईल्स का काम करता था। उन्होंने बताया कि 3-4 साल से वह नशे में पड़ गया। उस दौरान जाशीन के पिता की दुकान पर काम करने वाले व्यक्ति ने उनका फोन चोरी करके अन्य दुकानदार को बेच दिया था। उक्त दुकानदार जाशीन के पिता का जान-पहचान वाला था और उसने जाशीन के पिता को सूचना दी।
जाशीन के पिता ने दुकान के कर्मी को फटकार लगाई। जिसके बाद दुकान का कर्मी अन्य युवकों को लेकर आ गया और उसने जाशीन के पिता पर हमला कर दिया। जाशीन ने पिता की बेजइज्ती का बदला लेने के लिए अपराध की दुनिया में उतर गया। गगन ने कहा कि जब से जशीन लारेंस बिश्नोई की गैंग से संपर्क में आया उसके बाद से वह गांव में नहीं आया। गगन ने कहा कि पता चला कि कुछ समय पहले जमानत से बाहर आया था। गगन ने बताया कि जाशीन पिछले 3 से 4 साल से लारेंस गैंग के साथ जुड़ा था।
मिली जानकारी के अनुसार जीशान की मुलाकात सोशल मीडिया पर लॉरेंस के करीबी विक्रम बराड़ से हुई थी। विक्रम बराड़ ने उसे कोटकपूरा भेज दिया। जहां पर उसने पहली बार विक्रम बराड़ के कहने पर तरनतारन में एक व्यक्ति को गोलियां मार कर कत्ल कर दिया था। पटियाला जेल में जीशान लारेंस गैंग से जुड़ा था और 7 जून को जेल से बेल पर बाहर आया था। जानकारी अनुसार जीशान अख्तर ने को 9 साल की उम्र में महाराष्ट्र के जिला बीड़ में मदरसा में अर्बी, फार्सी, और उर्दू की पढ़ाई के लिए डेढ़ साल वहां भेजा था।
2021 में लॉरेंस के करीबी विक्रम बराड़ ने जालंधर की मशहूर नशा तस्कर गांव शंकर निवासी रानो से फिरौती की मांग की थी। रानो ने फिरौती देने से मना कर दिया था। इसके बाद विक्रम बराड़ ने 3-09-2021 को जीशान अख्तर, अंकुश पाइया, विशाल सभरवाल, कपूरथला निवासी रोहित, और बॉबी को भेज कर उसके घर गोलियां चलवाई थी।
इसके बाद मदरसा वालों ने यूपी के जिला बिजनौर के मदरसा में डेढ़ साल पढ़ाई की। इसके बाद उसने शंकर गांव वापस आकर सरकारी स्कूल में 6 वीं में एडमिशन लेकर पढ़ाई करनी शुरू कर दी। जहां तक उसने 10 वीं तक पढ़ाई की और फिर बाद में वह पिता के साथ ही टाइल का काम करने लग गया था। 2022 में जीशान 19 साल का था, तब वह विदेशी नंबरों से वॉट्सऐप चलाता हुआ पकड़ा गया था।
