जालंधर, ENS: पटियाला में प्रेस वार्ता करते हुए पिशौरा सिंह सिधू के पुत्र दलवीर सिंह सिधूपुर ने भारतीय किसान यूनियन सिधूपुर के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल पर गंभीर आरोप लगाए है। इस मामले को लेकर आज प्रेस वार्ता करते हुए डल्लेवाल ने कहा कि उनके साथ 22 जिले के नेता मौजूद है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि दलवीर सिंह सिधूपुर पार्टी के मैंबर भी नहीं है और वह बीते दिन 8 जिलों के नेता के साथ होने का झूठ कह रहे है।
किसान नेता ने कहा कि पिशौरा सिंह सिधू के बाद जब जगजीत डल्लेवाल में प्रधानगी का पद संभाला उसके बाद से किसान बुलंदियों की ऊंचाई पर है। उन्होंने चुनाव ना करवाए जाने को लेकर कहा कि पिछले साढ़े 3 साल से चुनावों में देरी होने के दौरान सभी नेता धरनों में व्यस्त थे। जिसमें खनौरी बॉर्डर पर काफी समय तक लंबा धरना लगाया गया। इसी के साथ मोगा में धरना लगाया गया, ऐसे में उनके पास चुनाव करवाने का समय नहीं था।
किसान नेता ने कहा कि डल्लेवाल पर लगाए गए सारे आरोप बे बुनियाद है। सारी किसान जत्थेबंदियां किसान नेता डल्लेवाल के साथ है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि शिरोमणि अकाली दल के जरिए भाजपा जत्थेबंदियों को तोड़ने की कोशिश कर रही है। वहीं उन्होंने किसान आंदोलन के दौरान मारे गए शुभकरन की मौत के लिए डल्लेवाल को जिम्मेदार ठहराए जाने को लेकर कहा कि उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि जो 8 जिले के प्रधान कल पटियाला में हुई प्रेस वार्ता में शामिल हुए थे, वह सभी किसान जत्थेबंदी से निकाले जा चुके है। ऐसे में वह उनकी किसान जत्थेबंदी का विरोध कर रहे है।
उन्होंने कहा कि जत्थेबंदी को कमजोर करने के लिए यह सबकुछ किया जा रहा है। डल्लेवाल ने कहा कि जब एसकेएम ने धरना प्रदर्शन किया था तो उसके बाद कुछ किसानों द्वारा एएसम जत्थेबंदी बनाई गई और उनके द्वारा चुनाव लड़े गए। डल्लेवाल ने कहा कि उनकी जत्थेबंदी का किसी भी राजनीतिक पार्टी से संबंध नहीं है और ना ही वह किसी को भी किसी पार्टी को वोट डालने के लिए आग्रह करते है।
