पीड़ित का आरोपः डंकी के जरिए विदेश भेजता है ट्रैवल एजेंट
पुलिस पर गंभीर आरोप लगाकर दी ये चेतावनी
जालंधर, ENS: अमेरिका से भारतीयों के डिपोर्ट होने के बाद ट्रैवल एजेंटों को लेकर मामला गरमा गया है। हालांकि इस घटना के बाद पंजाब पुलिस द्वारा एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर कमेटी बनाई गई है, लेकिन उसके बावजूद अवैध तरीके से विदेश भेजने और ठगी मारने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। ताजा मामला रामा मंडी से सामने आया है, जहां पीड़ित ने J. S Travel एजेंट पर 7.16 लाख की ठगी के आरोप लगाए है। इस मामले को लेकर पीड़ित सीपी दफ्तर में एजेंट के खिलाफ शिकायत देने पहुंचा है। दस्तावेजों को लेकर आदमपुर से आए पीड़ित ने J. S Travel एजेंट पर 7.16 लाख की ठगी के आरोप लगाए है। इस दौरान अन्य व्यक्ति ने कहा कि J. S Travel एजेंट ने पहले लाखों की ठगी पीड़ित से मार ली। जिसके बारे में जब पीड़ित को पता चला तो देखा उक्त एजेंट ने दफ्तर पर ट्रैवल एजेंट का बोर्ड हटाकर वहां पर J. S Trave प्रॉपर्टी डीलर का बोर्ड लगा लिया।
एजेंट का नाम रंजिदर है और उसने रामामंडी में दफ्तर खोल रखा है। आरोप है कि इस मामले में अभी तक उक्त ट्रैवल एजेंट के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। पीड़ित विज्ञापन देखकर उक्त ट्रैवल एजेंट के पास पहुंचा था। दस्तावेज दिखाते हुए आरोप लगाए है कि फर्जी दस्तावेज दिखाकर कहते है कि वह 2 से ढाई लाख रुपए उनका वीजा आ गया, उसके बाद फर्जी टिकट कंप्यूटर पर बनाकर कहा जाता है उनकी टिकट आ गई है और अब वह साढ़े 3 लाख रुपए जमा करवा दें। इस तरीके से फर्जी दस्तावेज दिखाकर भोले भाले लोगों से पैसे ठगे जा रहे है। आरोप है कि उक्त ट्रैवल एजेंट के पास कोई लाइसेंस नहीं है। इसी को लेकर पीड़ित सीपी दफ्तर में शिकायत लेकर पहुंचा है और उक्त ट्रैवल एजेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। बताया जा रहा है कि उक्त ट्रैवल एजेंट अब उनका फोन नहीं उठा रहा।
मंजीत सिंह ने कहा कि बेटे सिमरन जीत सिंह की जनवरी 2024 में विदेश भेजने के लिए फाइल लगाई थी। आरोप है कि डोंकी के जरिए वह पहले भी कई लोगों को विदेश भेज चुका है। बेटे को करोशिया ट्रैवल एजेंट ने भेजना था। इस दौरान दोनों में 5.5 लाख रुपए की बात हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे उनसे 7.16 लाख की ठगी मारी गई। ट्रैवल एजेंट के संपर्क में आने को लेकर पीड़ित ने कहा कि एजेंट के चाचा राजिंदर बूटा के जरिए आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह कहीं नहीं भागेगा। जनवरी 2024 से लेकर मार्च तक सारे पैसे दे दिए।
16 जुलाई को बेटे की फ्लाइट करवाने के लिए कहा, लेकिन विदेश नहीं भेजा गया। इस दौरान पैसे देने के दस्तावेज भी दिखाए। इस मामले को लेकर पीड़ित ने कहा कि उनकी शिकायत कभी नकोदर तो कभी पताड़ा थाने भेजी गई। इस मामले में राजिंदर घर में रहता था, लेकिन वह कभी भी पुलिस के सामने पेश नहीं हुआ। वहीं पुलिस पर गंभीर आरोप पीड़ित ने लगाते हुए कहा कि जब उसने कहा कि लोहड़ी के पर्व पर उन्हें बताया कि वह घर में प्रोग्राम करवा रहा है और घर पर ही मौजूद है, उसे काबू कर लिया जाए, लेकिन पुलिस ने कहीं ओर ड्यूटी का कहकर मामले को टाल दिया गया। इस दौरान पुलिस की ओर से उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित ने चेतावनी दी है है कि अगर उसकी सुनवाई नहीं हुई तो वह अपनी जीवनलीला समाप्त कर लेगा।