जालंधर, ENS: इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में युद्ध की आग फैल चुकी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया है। यह अब तक का दुनिया का सबसे बड़ा, सबसे जटिल और सबसे शक्तिशाली सैन्य अभियान है। पिछले 4 दिन से इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर जहां आसपास के 9 देशों को प्रभावित कर रहा है। वहीं इसका असर जालंधर की हैंडटूल इंडस्ट्री पर भी देखने को मिल रहा है।
जालंधर की हैंडटूल इंडस्ट्री देश भर में मशहूर है। जालंधर के कई उद्योगपति जर्मनी में हर साल होने वाली एग्जिबिशन के में भाग लेने जा रहे थे, लेकिन युद्ध के चलते वह रास्ते में ही फंस चुके हैं। मामले की जानकारी देते हुए federation of indian export promotion council के अशवनी शर्मा ने बताया कि जर्मनी में हर साल मार्च के पहले सप्ताह में हैंडल एग्जीबिशन लगती है। वह लगभग पिछले 50 साल से एग्जीबिशन में हिस्सा ले रहे हैं। इस बार भी उनके कुछ रिश्तेदार और कुछ उद्योगपति इसमें भाग लेने केलिए जा रहे थे, लेकिन युद्ध के कारण वह दोहा में फंस गए हैं।
अशवनी शर्मा ने कहा कि केंद्र व पंजाब सरकार से बात करके उनको वहां से निकलने की कोशिश कर की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि देश से हर साल एक्सपोर्ट की हैंडफुल इंडस्ट्री लगभग 3000 करोड रुपए की है। अगर युद्ध समुद्री रास्ते पर असर डालेंगा तो इंडस्ट्री 2 साल तक नहीं उभर पाएगी। इस युद्ध से उनका करोड़ों रुपए का नुकसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एग्जीबिशन से फ्यूचर टिका हुआ है।
एग्जीबिशन में यूएसए, चाईना, यूरोप, मिडली से आते है। मिडली में रास्ता युद्ध के कारण बंद हो गया है। एग्जीबिशन में नई इनोवेशनस लेकर आते है। हर साल एक से दो प्रोडक्ट नई इनोवेशनस के साथ आते है। उन्होंने कहा कि अगर तेल के दामों में बढ़ौतरी होती है तो इंडस्ट्री पर काफी असर पड़ेंगा। अशवनी ने कहाकि उनके कई मेंबर दुबई में फंसे हुए है। ऐसे में इंडस्ट्री पर भी युद्ध को लेकर सकंट के बादल छा गए है और कारोबारियों में चिंता बढ़नी शुरू हो गई है।