जालंधर, ENS: इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट के किंगपिन अक्षय छाबड़ा को ईडी डिब्रूगढ़ जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है। जहां ईडी ने उसे स्पेशल कोर्ट में पेश करके 8 दिन का रिमांड मांगा। जहां कोर्ट से ईडी को 5 दिन का रिमांड हासिल हुआ। ईडी के वकील अजय पठानिया ने कोर्ट को बताया कि चाय बेचने वाले के बेटे अक्षय ने ड्रग के जरिये करोड़ों रुपए कमाए थे। करोड़ों की चल-अचल संपत्ति खरीदी है।
ईडी छाबड़ा से गहराई से पूछताछ करना चाहती है। कोर्ट ने छाबड़ा को पांच दिन के रिमांड पर ईडी को सौंप दिया है। बता दें कि अक्षय अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का किंगपिन था। उसे एनसीबी ने नवंबर, 2022 में जयपुर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। केस में जसपाल सिंह उर्फ गोल्डी को भी पकड़ा था। एनसीबी की जांच से पता चला है कि लुधियाना में स्थित ड्रग सिंडिकेट ने पंजाब में आईसीपी (एकीकृत चेक पोस्ट) अटारी और गुजरात में मुंद्रा समुद्री बंदरगाह सहित कई जगहों से करीब 1,400 किलो हेरोइन की तस्करी की थी।
एनसीबी ने अफगानिस्तान से आयात किए टमाटर सॉस के 612 डिब्बों में हेरोइन बरामद की थी। इन डिब्बों पर अन्य डिब्बों से अलग पहचान के लिए विशेष चिह्न लगे थे। एनसीबी को ईरान से आयातित जूस की 350 बोतलों में भी हेरोइन मिली थी। जांच में यह बात आई थी की छाबड़ा की फैमिली पहले लुधियाना के शिमलापुरी के जनता नगर में एक छोटे-से मकान में रहती थी। पिता चाय बेचते थे तो खुद एक दवा शॉप में काम करता था। रैकेट का किंगपिन बनने के बाद उसने नितेश विहार (लुधियाना) में आलीशान मकान खरीदा था। एक बड़ा फार्महाउस भी बनवाया था।
गिल रोड स्थित नई अनाज मंडी में छाबड़ा की व्यापारिक फर्मों और गोदामों का दौरा करने के दौरान पता चला कि वह वहां पर ‘गुरु किरपा ट्रेडिंग फर्म’ चलाता था। जहां से वह घी, खाद्य तेल, चावल और अन्य उत्पादों का थोक व्यापार करता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ही पंजाब पुलिस में हर साल 1800 कांस्टेबल और 300 सब-इंस्पेक्टरों की भर्ती करने का फैसला किया है ताकि पुलिस कर्मियों की कमी को दूर किया जा सके। सरकार ने पंजाब में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है ताकि इस बुराई की रीढ़ तोड़ी जा सके।
उन्होंने कहा कि पहले ही नशे की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ दिया है और इस घिनौने अपराध में शामिल बड़े माफियाओं को सलाखों के पीछे डाला गया है। पहली बार राज्य सरकार द्वारा अवैध तरीकों से हासिल की गई नशा तस्करों की संपत्ति को ध्वस्त-जब्त कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने सत्ता में आने के 36 महीनों में युवाओं को करीब 55,000 नौकरियां दी हैं।
उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बहुत गर्व की बात है कि सभी नौकरियां बिना किसी भ्रष्टाचार या भाई-भतीजावाद के पूरी तरह योग्यता के आधार पर दी गई हैं। सीएम ने उम्मीद जताई कि युवा संबंधित विभागों में शामिल होकर राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बनेंगे। ईडी ने बीते साल मनी लॉन्डरिंग में शुरू की थी जांच, विधायक से हो चुकी पूछताछ पिछले साल ईडी ने मनी लॉन्डरिंग के मामले में जांच शुरू की थी। 31 अक्टूबर को ईडी ने आप विधायक कुलवंत सिंह के घर और दफ्तर में सर्च की थी। सर्च करीब पौने 14 घंटे चली थी।
एक नवंबर को ईडी ने प्रेसनोट जारी करके कहा था कि 31 अक्टूबर को पंजाब और राजस्थान के अलग-अलग 25 जगह सर्च की गई है। इनमें मोहाली, लुधियाना, चंडीगढ़ अमृतसर, जालंधर और गंगानगर शामिल हैं। ईडी ने यह सर्च एनसीबी की ओर से पकड़े गए अक्षय कुमार को लेकर की थी। अक्षय की निशानदेही पर 20.326 किलो हेरोइन मिली थी। सर्च के दौरान ईडी ने 4.50 करोड़ रुपए के साथ मोबाइल फोन, लैपटॉप, मनी ट्रेल और संपत्ति लेनदेन से संबंधित दस्तावेज जब्त किए थे। जांच में कहा गया था कि अक्षय कुमार ने ड्रग से कमाए पैसे से फर्जी कंपनियां बनाकर अच-अचल संपत्ति बनाई है और उसका एक बड़ा नेटवर्क था, जिसमें कई लोग जुड़े थे।
