जालंधर, ENS: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा आज डेरा श्री सचखंड बल्लां में नतमस्तक होने पहुंचे। इस दौरान वित्त मंत्री के साथ डिप्टी कमिशनर हिमांशु अग्रवाल, पवन टीनू सहित कई नेता डेरा बल्लां में नतमस्तक हुए। जिसके बाद उन्होंने संत प्रमुख निरंजन दास जी के साथ मुलाकात की। वित्त मंत्री के दौरे को लेकर डेरे के बाद सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए है। ऐसेे में भारी पुलिस डेरे के बाहर तैनात की गई है। बता दें कि पंजाब के दोआबा क्षेत्र में स्थित यह डेरा रविदासिया समुदाय का प्रमुख धार्मिक केंद्र है। हाल ही में श्री गुरु रविदास महाराज जी के 649वें प्रकाश पर्व पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी डेरा सचखंड बल्लां पहुंचे थे।
पंजाब में दलित आबादी 32% है, जो देश में सबसे अधिक है। इस राज्य में 45% से अधिक दलित दोआबा क्षेत्र में ही रहते हैं। राजनीतिक रूप से देखें तो दोआबा क्षेत्र से विधानसभा की कुल 117 में से 23 सीटें आती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डेरा बल्लां का प्रभाव इनमें से कम से कम 19 सीटों पर माना जाता है।
“डेरों की सामाजिक भूमिका के कारण दलित समुदाय में उनका गहरा प्रभाव है और चुनावी राजनीति में इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।” गौरतलब है कि डेरा बल्लां की भूमिका 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में साफ दिखी थी, जब आम आदमी पार्टी की लहर के बावजूद कांग्रेस दोआबा में मजबूती से टिकी रही। 23 में से आप और कांग्रेस ने 10-10 सीटें, जबकि शिरोमणि अकाली दल, बसपा और भाजपा को एक-एक सीट मिली थी। उससे 5 साल पहले यानी 2017 में कांग्रेस ने दोआबा में क्लीन स्वीप किया था।
