जालंधर, ENS: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा आज डेरा श्री सचखंड बल्लां में नतमस्तक होने पहुंचे। इस दौरान वित्त मंत्री के साथ डिप्टी कमिशनर हिमांशु अग्रवाल, पवन टीनू सहित कई नेता डेरा बल्लां में नतमस्तक हुए। जिसके बाद उन्होंने संत प्रमुख निरंजन दास जी के साथ मुलाकात की। मीडिया से बात करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा 10 एकड़ जमीन जमीन खरीदी गई थी। उन्होंने कहा कि सचखंडा बल्लां के पास 2 गांव है, जिसमें फरीदपुर और नौं गजां गांव शामिल है।
इस गांवों में सरकार की ओर से जमीन खरीदी गई थी, जहां गुरु रविदास महाराज जी के बाणी अध्ययन सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इस दौरान वहां से भारी संख्या में स्कालर पैदा होंगे। यहां पर 500 के करीब स्टूडेंट बाणी पर स्टडी करेंगे और अध्ययन करेंगे। गुरु साहिबाण की बाणी को दुनियां भर में लेकर जाएंगे और दुनियां भर में प्रचार किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि यहां पर पीएचडी तक की डिग्री की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द सीएम भगवंत मान की अगुवाई में इसकी शुरुआत की जाएगी और संत निरजन दास जी से नींव पत्थर रखवाया जाएगा।
वहीं राजस्थान से 1.44 लाख करोड़ रुपए बकाया राशि को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि सीएम मान द्वारा इस मुद्दे को उठाया गया है। काफी लंबे समय से राजस्थान की ओर पैसे लंबित पड़े है। राजस्थान में भाजपा की सरकार है, ऐसे में विश्वास है कि केंद्र सरकार इसमें पंजाब सरकार की मदद करेंगी। वरिंदर गोयल मंत्री द्वारा बीते दिन कंडी के पास उद्घाटन किया गया। इससे 50 गांवों को पानी से राहत मिली है। लिफ्टिंग पंप के जरिए किसानों के खेतों में पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे आने वाले समय में किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
बता दें कि पंजाब के दोआबा क्षेत्र में स्थित यह डेरा रविदासिया समुदाय का प्रमुख धार्मिक केंद्र है। हाल ही में श्री गुरु रविदास महाराज जी के 649वें प्रकाश पर्व पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी डेरा सचखंड बल्लां पहुंचे थे। पंजाब में दलित आबादी 32% है, जो देश में सबसे अधिक है। इस राज्य में 45% से अधिक दलित दोआबा क्षेत्र में ही रहते हैं। राजनीतिक रूप से देखें तो दोआबा क्षेत्र से विधानसभा की कुल 117 में से 23 सीटें आती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डेरा बल्लां का प्रभाव इनमें से कम से कम 19 सीटों पर माना जाता है।
“डेरों की सामाजिक भूमिका के कारण दलित समुदाय में उनका गहरा प्रभाव है और चुनावी राजनीति में इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।” गौरतलब है कि डेरा बल्लां की भूमिका 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में साफ दिखी थी, जब आम आदमी पार्टी की लहर के बावजूद कांग्रेस दोआबा में मजबूती से टिकी रही। 23 में से आप और कांग्रेस ने 10-10 सीटें, जबकि शिरोमणि अकाली दल, बसपा और भाजपा को एक-एक सीट मिली थी। उससे 5 साल पहले यानी 2017 में कांग्रेस ने दोआबा में क्लीन स्वीप किया था।
