जालंधर, ENS: जमशेर खास में लग रहे बायो-गैस/बायो-फ्यूल प्लांट के विरोध में किसान यूनियन सिद्धू ने पहले 1 जनवरी को अमृतसर-दिल्ली हाईवे जाम करने की कॉल दी थी। लेकिन पुलिस ने किसानों को रास्ते में रोक लिया। इस दौरान पुलिस ने किासनों की गाड़ियां रोक ली। जिसके बाद किसान कैंट काउंटी के सामने सोफी पिंड के बाहर प्रदर्शन करने के लिए बैठ गए। किसानों की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक भी सामने आई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एसपी-2 हरविंदर सिंह गिल पुलिस पार्टी के साथ मौजूद थे।
इस दौरान अचानक किसान के साथ विवाद हो गया। जिसके बाद किसान नेता ने उन्हें समझाया कि पुलिस अपना काम कर रही है, ऐसे में उनके साथ विवाद ना किया जाए। वहीं एसपी कहते हुए दिखाई दे रहे है कि उन्होंने वर्दी पहनकर अपनी ड्यूटी निभा रहे है। इस घटना के बाद एसपी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुलिस ने किसानों पर कोई डंडे नहीं बरसाए। उन्होंने लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहाकि किसानों को नेशनल हाईवे जाम करने से रोका गया। एसपी का कहना हैकि किसानों के साथ 5 तारीख को डिप्टी कमिश्नर के साथ मीटिंग रखवाई गई है।
वहीं नगर निगम की ओर से एसडीओ, ज्वाइंट कमिशर मेडम भी मौके पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि मसले का हल बैठकर ही निकाला जाएगा। ऐसे में नेशनल हाईवे जाम करना गलता है। अगर नेशनल हाईवे जाम हो जाता तो लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रशासन के साथ मीटिंग के लिए अपील की गई और उन्हें शांतिमय ढंग से यहां बिठाया गया। एसपी ने कहाकि कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया गया है। वहीं डंडे बरसाने को लेकर कहा कि अगर किसी ने भी डंडे बरसाए है तो किसान इसके सबूत पेश करें।
एसपी ने कहा कि किसानों की डिप्टी कमिश्नर के साथ 5 तारीख की मीटिंग तय थी, लेकिन वह जान बूझकर आज धरना प्रदर्शन करने पहुंचे है। एसपी ने कहा कि वह किसी को भी नेशनल हाईवे जाम नहीं करने दिया जाएगा। ऐसे में अगर कोई हाईवे जाम करने के लिए जाता है तो किसान नेताओं को राउंडअप किया जाएगा, लेकिन शहर का माहौल किसी को खराब करने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शांतिमय ढंग से अगर यहीं बैठकर किसान प्रदर्शन करना चाहते है तो पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है।
