जालंधर, ENS: महानगर में किसानों द्वारा लगातार शुगर मिल शुरू ना होने और अन्य मांगों को लेकर रोष पाया जा रहा है। वहीं आज किसानों द्वारा जालंधर सहित अन्य जिलों में प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। उनका कहना है कि वह लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन से गुहार लगा रहे है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। ऐसे में आज आज माझा और दोआबा के किसानों द्वारा सभी जिलों के डीसी दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन किया गया।
किसानों ने प्रदर्शन में अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रशासन को अल्टीमेटम दे दिया है। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगे 21 तक ना पूरी हुई तो जल्द नेशनल हाईवे व रेलवे ट्रैक जाम करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा अब तक शुगरकेन बोर्ड का गठन नहीं किया गया है, जबकि इसका कार्यकाल अप्रैल माह में समाप्त हो चुका है। बोर्ड के गठन के बिना शुगर मिल नहीं चलाई जा सकतीं।
किसानों के अनुसार, नवंबर महीने की 18 तारीख हो चुकी है, लेकिन न तो बोर्ड का गठन हुआ है और न ही प्रशासन ने इस संबंध में कोई बैठक की है। किसानों ने आरोप लगाया कि गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) भी अब तक घोषित नहीं किया गया है। किसानों ने कहा कि अन्य फसलों जैसे अनाज और मक्की के दाम बुवाई से पहले तय हो जाते हैं, लेकिन गन्ने के दाम तय नहीं किए जा रहे, जबकि फसल पक कर तैयार है।
उन्होंने हरियाणा का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां गन्ने का भाव 401 रुपए प्रति क्विंटल तय हो चुका है, जबकि पंजाब में अभी तक कोई दर निर्धारित नहीं की है। किसानों की मांग है कि प्रशासन द्वारा गन्ने का भाव 500 रुपए प्रति क्विंटल तय करें और मिलों को जल्द से जल्द चालू करे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि 21 नवंबर तक मिलें चलाने की घोषणा नहीं की गई, तो सभी किसान संगठन 21 को माझा और दोआबा के किसान संगठनों ने मिलकर जालंधर के नेशनल हाईवे और रेलवे ट्रैक को जाम किया जाएगा।
