जालंधर, ENS: थाना 6 के अंतगर्त आते AN Neuro and Critical Care Hospital के बाहर लोगों द्वारा धरना लगाया गया। दरअसल, 21 अक्टूबर को नकोदर रोड़ पर महिला को गाड़ी चालक ने टक्कर मार दी। इस दौरान महिला के सिर पर गहरी चोट आई थी। महिला की पहचान कौशल्या के रूप में हुई है। परिजनों द्वारा कौशल्या को उपचार के लिए सीएमसी अस्पताल ले जाया गया। परिवार का कहना है कि गरीब होने के कारण वहां पर उपचार करवाने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। जिसके बाद वहां पर एबुलेंस चालक ने उन्हें AN Neuro and Critical Care Hospital में आयुष्मान कार्ड के जरिए ईलाज करवाने के बारे में बताया।
जिसके बाद उन्होंने AN Neuro and Critical Care Hospital के कर्मियों से आयुष्मान कार्ड के साथ महिला के उपचार के बारे में बात की तो उन्होंने उपचार करने का आश्वासन दिया। परिजनों का कहना है कि जब वह मरीज को लेकर अस्पताल आए तो डॉक्टरों ने आयुष्मान कार्ड पर ईलाज होने का आश्वासन के साथ-साथ मरीज के 10 दिन तक ठीक होने का भी आश्वासन दिया। परिवार का आरोप है कि 10 दिन बीत गए है, लेकिन मरीज में कोई सुधार नहीं हुआ है, बल्कि उसकी हालत और खराब हो गई है। परिजनों ने आरोप लगाए है कि आयुष्मान कार्ड के जरिए मरीज का ईलाज भी नहीं किया गया। परिवार ने कहा कि वह अब तक अस्पताल में साढ़े 4 लाख रुपए जमा करवा चुके है। अस्पताल के कर्मियों का कहना है कि उनके पैसे वापिस आ जाएंगे, जबकि पीड़ित परिवार का कहना है कि अब उनके पास ईलाज के लिए और पैसे भी नहीं है और मरीज भी ठीक नहीं हुआ।
आरोप है कि अस्पताल द्वारा दवाई का 18 हजार का बिल बनाया गया, जबकि वह दवाई अन्य मेडिकल से 9 हजार रूपए में मिल रही है। परेशान होकर परिजनों द्वारा अस्पताल के बाहर धरना लगाकर प्रदर्शन किया जा रहा है। जिसके बाद घटना की सूचना मिलते ही एसीपी रूप कौर पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंची। परिजनों ने कहा कि उन्हें अस्पताल कर्मियों द्वारा अंदर भी नहीं जाने दिया जा रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों की पुलिस के साथ पहले मीटिंग की गई। जिसके बाद काफी देर तक उनके द्वारा हंगामा किए जाने के बाद उनके परिवार के कुछ लोगों को अस्पताल में बुलाया गया और उनके साथ मीटिंग की जा रही है।