जालंधरः महानगर में नेशनल हाईवे से साथ लगते प्रेम नगर में कई घरों में बने कारखानों को बंद करने आदेशों के बावजूद बावजूद प्रशासन ने इसपर अमल नहीं किया। रिहाइशी इलाकों में बने कारखानों को बंद करवालने के लिए कॉलोनी के निवासी मान ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दी थी। इस पर 28 अगस्त को हाईकोर्ट ने फैसला मान सिंह के पक्ष में सुनाया था, लेकिन इन आदेशों पर प्रशासन की ओर से अमल नहीं किया जा रहा। हालांकि इस आदेश में इन्हें बंद करने की डेडलाइन तय नहीं की गई थी।
याचिकाकर्ता ने बताया कि 23 अगस्त 2010 को लागू जालंधर के 2031 तक के मास्टर प्लान में प्रेम नगर को रिहाइशी एरिया की श्रेणी में रखा गया था। उस वक्त वहां पर छोटे कारखाने पहले से थे, लेकिन नई फैक्ट्री बनाना प्रतिबंधित कर दिया गया था। इस प्रतिवंध के बावजूद इसके 1:36 निर्माण जारी रहे। फैक्ट्रियां बढ़ती गईं, जिनसे प्रदूषण फैल रहा है।
2010 में लागू हुए मास्टर प्लान में होशियारपुर रोड के जिन इलाकों को इंडस्ट्री जोन में शामिल किया गया था, वहां पर लोग घर भी बना रहे हैं ओर फैक्ट्रियों के लिए आरक्षित जमीन का प्रयोग दूसरे रूप में होने लगा है। मास्टर प्लान 2031 में यह खत्म हो जाएगा। इसमें 13 साल बीत गए लेकिन कारखाने बाहरी जगह पर शिफ्ट नहीं हो सके। इसकी एक सबसे बड़ी वजह नए फोकल पॉइंट का निर्माण न होना है।