जालंधर, ENS: सिविल अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र में लगे फायर सिलेंडर को लेकर मामला सामने आया है। जहां नशा मुक्ति केंद्र में लगे फायर सिलेंडर एक्सपायर हो चुके है। ऐसे में अस्पताल में लगे एक्सपायर सिलेंडर को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है। दरअसल, हाल ही में जच्चा-बच्चा वार्ड में आग लगी थी और आग लगने के दौरान वहां पर मौजूद कर्मी को आग बुझाने के लिए फायर सिलेंडर नहीं चलाना आता था और बाहर से दमकल विभाग को बुलाकर आग पर काबू पाया गया था।
वहीं आज सिविल अस्पताल में कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत दौरा करने पहुंच रहे है। ऐसे में उनके दौरे से पहले नशा मुक्ति केंद्र में एक्सपायर सिलेंडर लगे होने से सवाल खड़े होने शुरू हो गए। तस्वीरों में देखा जा सकता हैकि फायर सिलेंडर फिलिंग की फिलिंग तारीख 24 फरवरी 2024 लिखी हुई है, जबकि एक्सपायरी तारीख 21 अगस्त 2025 की लिखी हुई है। हालांकि अब सिंतबर 2027 का माह चल रहा है।
वहीं मीडिया द्वारा तस्वीरों को कैद करने के बाद प्रशासन हरकत में आया और कर्मियों द्वारा आकर एक्सापयरी फायर सिलेंडर को उतार दिया गया। अगली तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कर्मियों द्वारा घटना स्थल से अब एक्सपायरी सिलेंडर गायब दिखाई दे रहे है। वहीं अन्य तस्वीर में 2 कर्मी एक्सपायर फायर सिलेंडर उतारकर ले जाते हुए दिखाई दिए है। एक्सपायरी सिलेंडर को लेकर अभी तक किसी भी डॉक्टर या प्रशासन अधिकारी का बयान सामने नहीं आया है। दरअसल, एक साल पहले से एक्सपायर हुए सिलेंडर नशा मुक्ति केंद्र में लगे हुए थे और किसी भी अधिकारी का एक्सपायरी सिलेंडर की ओर ध्यान भी नहीं गया।