जालंधर, ENS: महानगर में ई-रिक्शा काफी स्तर पर बढ़ गए है। ई-रिक्शा से जहां लोगों को रोजगार मिला है, वहीं कुछ ई-रिक्शा चालक इसे लूटपाट का जरिया बना रहे है। यही कारण है कि आज दिन दहाड़े ई-रिक्शा चालक द्वारा सवारी के पैसे निकाल लिए गए। गनीमत यह रही है कि ई-रिक्शा में सवार बुजुर्ग को पैसे निकलने का समय रहते पता चल गया, जिसके कारण नुकसान होने से बचाव हो गया। इस दौरान होशियारपुर से जालंधर आए बुजुर्ग ने ई-रिक्शा चालक को पैसे निकालते समय मौके पर काबू कर लिया और उससे चोरी किए पैसे भी बरामद कर लिए। कुलदीप सिंह ने कहा कि वह होशियापुर का रहने वाला है और जालंधर वह कुड़ुम के पास आए है। पीड़ित ने बताया कि वह बीमार है और उसकी दवाई लेने के लिए जालंधर पहुंचे।
इस दौरान बस स्टैंड से ई-रिक्शा लिया। पीड़ित ने कहा कि वह बीमार कुड़म के साथ ई-रिक्शा से एक किलोमीटर दूर सविधान चौंक के पास पहुंचे तो ई-रिक्शा चालक ने उसे आगे बैठने को कहा। जिसके बाद वह आगे बैठे और ई-रिक्शा चालक ने चतुराई से उसकी जेब से 1700 रुपए निकाल लिए। पीड़ित ने कहा कि उसे 2 से 3 बार ई-रिक्शा चालक द्वारा जेब को हाथ डालने को लेकर शक हुआ। जिसके बाद चौथी बार उसने ई-रिक्शा चालक को काबू कर लिया और ई-रिक्शा चालक ने फ्रंट सीट के पास टांगों में पैसे छिपा लिए थे।
इस दौरान ई-रिक्शा चालक का दूसरा साथी मौके से फरार हो गया। वहीं घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने ई-रिक्शा चालक को काबू कर लिया और उसे बस स्टैंड चौकी ले गए। वहीं पुलिस ने ई-रिक्शा चालक के कब्जे से 1700 रुपए बरामद करके पीड़ित परिवार को लौटा दिए। दूसरी ओर ई-रिक्शा चालक बस्ती गुजा में स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर के पास रहने वाले चोर लक्की से जब पूछताछ की गई तो उसने माना कि सवारी के पैसे उसने चुराए थे और अब उसने लौटा दिए है।
ई-रिक्शा चालक ने गलती मानी। चोर ने कहा कि उसने पिता का निधन हो गया और उसके बाद से वह ई-रिक्शा चलाता है। चोर ने कहा कि वह नशे का आदी था और उसका सिविल अस्पताल में उपचार भी चला। वह अब गोली खाने का आदी है। वहीं पुलिस अधिकारी सुरेश कुमार ने कहा कि ई-रिक्शा चालक का एक साथी मौके से ई-रिक्शा लेकर फरार हो गया, जबकि लक्की नामक व्यक्ति को काबू करके पैसे बरामद कर लिए है। वहीं पीड़ित परिवार को पैसे लौटा दिए गए है। पुलिस ने कहा कि पीड़ित के बयानों के आधार पर बनती कार्रवाई की जा रही है।
