डॉक्टर ने अस्पताल में गंदगी की बताई ये वजह
जालंधर, ENS: पंजाब में बदलते मौसम से डेंगू के डंक का खतरा बढ़ गया है। जिसको लेकर अस्पतालों में डेंगू के केसों में लगातार बढ़ौतरी हो रही है। बताया जा रहा हैकि पंजाब में इस सीज़न में डेंगू के 4,225 मामले दर्ज किए गए हैं। और मामलों की कम रिपोर्टिंग और संदिग्ध मौतों के आरोप भी लगे हैं। पिछले साल, राज्य में 6,260 डेंगू संक्रमण के मामले सामने आए थे, जिससे इस साल का आंकड़ा पिछले सीज़न के मध्य के करीब पहुंच गया है। वहीं डेंगू के डंक को लेकर सिविल सर्जन राजेश गर्ग ने बताया कि अस्पताल में डेंगू को लेकर पुख्ता प्रबंध किए गए है।
उन्होंने कहाकि डेंगू के मरीजों को लेकर स्पेशल वार्ड बनाए गए है। प्रत्येक शुक्रवार को डेंगू के मरीजों को लेकर सरकार द्वारा कैंपेन चलाई जा रही है और इस कैंपेन में वह खुद जा चुके है और लोगों को अवेयर किया जा चुका है। डॉक्टर ने लोगों से घरों में पानी इकट्ठा ना करने और साफ-सफाई करने की अपील है। सिविल सर्जन ने कहा कि प्रत्येक शुक्रवार को लोगों को जागरूक किया जा रहा है। यही कारण है कि इस बार डेंगू के मरीजों का आकंड़ा कम हुआ है। अब तक सिविल अस्पताल में डेंगू के मरीजों के 4645 टेस्ट किए जा चुके है। वहीं पक्षियों को दिया जाने वाले पानी को भी बदला जाना चाहिए।
इस बार जालंधर में 109 केस पॉजीटिव आए है, जिसमें जालंधर के सिर्फ 32 केस शामिल है, जबकि अन्य केस दूसरे राज्यों से संबंधित है। सिविल सर्जन ने कहा कि रोजाना 30 से 40 टेस्ट अस्पताल में किए जाते है। इसके लक्षण के बारे में बताया कि मरीज को जोड़ों में दर्द होना शुरू हो जाता है। मरीज को बुखार तेज होता है, इस तरह से कई अन्य लक्षण है। ऐसे में डेंगू से बचाव करने के लिए हॉफ कपड़े ना पहनने की अपील की है। इस दौरान सिविल अस्पताल में गंदगी पाए जाने को लेकर सिविल सर्जन ने कहा कि स्टाफ की कमी है। हालांकि अस्पताल में आउटसोर्स भर्ती की गई है। सिविल सर्जन ने कूड़े के ढेर सहित अन्य गंदगी को लेकर स्टाफ की कमी मानते हुए कहा कि नर्सिंग स्टाफ सहित सफाई स्टाफ की कमी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से जल्द स्टाफ मुहैय्या करवाने का आश्वासन दिया गया है। ऐसे में स्टाफ के आने से जल्द सिविल अस्पताल में पड़ी गंदगी को साफ किया जाएगा।
