जगराल-बजुहा पुल के ऊपर से गुजर रहा पानी, दरारें आने से पुल गिरने का खतरा
जालंधर, ENS: पंजाब में लगातार हो रही बरसात के पानी और चिट्टी बेईं के ओवरफ्लो होने से कैंट हलके में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। कैंट हलके के कई गांवों के खेतों में पानी भर गया है। कैंट हलके में बाढ़ के खतरों को भांपते हुए रविवार को बाद दोपहर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और विधायक पद्मश्री परगट सिंह ने कैंट हलके के प्रभावित इलाकों का दौरा किया।
उन्होंने मौके पर ही जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों को फोन पर बाढ़ के खतरे की जानकारी दी। उन्होंने तुरंत पुख्ता कदम उठाने के निर्देश दिया और स्थिति पर नजर रखने के लिए कहा। उन्होंने कैंट हलके के लोगों को साथ खड़े होने का आश्वासन दिलाया है। उन्होंने लोगों से पैनिक न होकर सतर्क रहने की अपील की। किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत उन्हें सूचित करने के लिए कहा।
कैंट हलके के कुक्कड़ पिंड, चाचोवाल, जगराल और बजुहा जैसे गावों में आए पानी का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने कहा कि होशियारपुर चौ की तरफ से आ रहे पानी के कारण फगवाड़ा से होते हुए जालंधर कैंट के हलके में चिट्टी बेईं ओवरफ्लो हो गई है। जिससे चिट्टी बेईं के साथ लगते गांवों के खेतों में पानी घुस गया है। सैकंड़ो एकड़ फसलें खराब होने का खतरा बन गया है।
परगट सिंह ने कहा कि अभी स्थिति को काबू किया जा सकता है, लेकिन रविवार रात को और भी पानी आने की जानकारी मिलने के बाद कैंट हलके के इन इलाकों के लोग डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के माझा और मालवा में पहले ही बाढ़ से हालत खराब हैं। अगर दोआबा में भी पानी घुस जाता है तो पंजाब 1988 की बाढ़ से ज्यादा खतरनाक हालात हो सकते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार और जिला प्रशासन ने चिट्टी बेईं की सफाई भी समय पर नहीं करवाई है। जगराल-बजुहा पुल पर पहुंचे परगट सिंह देखा कि आसपास के सारे खेतों में पानी भरा हुआ है। पुल के ऊपर से पानी गुजर रहा है। जिससे इन दोनों गांवों के बीच की कनैक्टिविटी भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस पुल से भारी वाहन भी गुजरते हैं, पुल पर दरारें आ चुकी हैं। जिसकी वजह से पुल कभी भी गिर सकता है। इन गांवों की सड़कों का भी बुरा हाल है। कई कच्चे मकानों को भी पानी आने और बरसात के कारण नुकसान हुआ है।
इस मौके पर बलदेव सिंह उद्दोपुर, लंबरदार कुलवंत सिंह उद्दोपुर, विक्रमजीत सिंह पंचायत मेंबर जमशेर, दीपा जमशेर, अमनदीप जमशेर, हरदीप सिंह उद्दोपुर, जसबीर सिंह उद्दोपुर, सुखपाल सिंह उद्दोपुर, जसबीर सिंह उद्दोपुर और गुरप्रीत सिंह जमशेर व गांवों के अन्य प्रमुख लोग मौजूद रहे। उन्होंने गांवों में बढ़ रहे खतरे की विधायक को जानकारी दी और कहा कि इसका तुरंत इंतजाम किया जाए। ताकि बाढ़ की स्थिति को बनने से रोका जा सके।