जालंधर, ENS: साइबर ठगों द्वारा कारोबारियों को ठगने के नए तरीके अपनाए जा रहे है। इसी के चलते लाडोवाली रोड पर रहने वाले राइस मिल के कारोबारी संजीव गुप्ता को साइबर ठगों ने शिकार बनाया। साइबर ठग ने राइस मिल के मालिक से 7.50 लाख की ठगी मारी। पीड़ित संजीव गुप्ता ने ठगी के बारे में देहात के साइबर क्राइम को शिकायत दी। जिसके बाद कोर्ट के जरिए विभाग ने गुप्ता पैसे के 9 महीने बाद वापस दिलवाए। पैसे वापस दिलवाने के बाद एसएचओ साइबर क्राइम देहात अर्शप्रीत कौर ने लोगों को ठगी से बचने के तरीके भी बताए। देहात साइबर सेल की एसएचओ हर्षप्रीत कौर ने बताया कि संजीव गुप्ता राइस मिल के पार्टनर हैं।
उन्होंने अपने साथ हुई ठगी के बारे में बताया कि उन्हें 21 जून 2024 को उनके फोन पर सुबह 8 मैसेज आया कि बैंक अकाउंट के साथ अन्य बेनीफिशियरी एड हुआ है। कुछ ही देर बाद 5 लाख रुपए फिर ढाई लाख रुपए उनके खाते से निकल गए। जिस बैंक के खाते में 7.50 लाख रुपए ट्रांसफर हुए, उसमें पहले कभी भी ट्रांजेक्शन नहीं की। किसी ने अकाउंट एड करके उनके साथ ठगी कर ली तो उन्होंने तुंरत बैंक में जाकर अपने अकाउंट को बंद करवाया, ताकि बाकी के पैसे न निकल जाएं।
एसएचओ ने बताया कि संजीव गुप्ता ने देहात साइबर सेल में इसकी शिकायत दी तो जिस ठग के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर हुए थे। उसके सारे ही अकाउंट फ्रीज करवा दिए गए। उसके बाद कोर्ट में केस लगाया गया, जिसके बाद मंगलवार को संजीव गुप्ता के 7.50 लाख रुपए वापस उनके खाते में आ गए। उन्होंने बताया कि संजीव गुप्ता को भी पता नहीं था कि उन्होंने किस लिंक पर क्लिक किया था, जिससे उनके अकाउंट से पैसे निकल गए। एएसआई निर्मल ने कहा कि हमेशा ही लोगों को जागरूक किया जाता है कि किसी भी लिंक पर ऐसे ही क्लिक न करें और न ही किसी ऐसी एप को डाउनलोड करें, जिससे बैंक के खाते जुड़े हैं। अगर ठगी हो जाती है तो बिना देरी शिकायत करें।
साइबर ठगी को लेकर आप आरबीआई के पोर्टल पर भी एक शिकायत दर्ज करा सकते हैं। https://cms.rbi.org.in पर जाकर आप ऑनलाइन फ्रॉड के बारे में जानकारी दे सकते हैं और रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं। इसमें आपसे कुछ जरूरी चीजें मांगी जाएगी, जिसे फिल करने के बाद आपको सारी डिटेल्स मिल जाएंगी। ऑप्शन साइबर सेल में रिपोर्ट दर्ज कराने का भी है। ध्यान दें कि जब आपके साथ ठगी होती है, उसके बाद के 30 मिनट बेहद अहम होते हैं। किसी भी अंजान फाइल को डाउनलोड न करें, कोई लिंक पर भी क्लिक न करें ऑनलाइन के अलावा आप हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत कर सकते हैं। ये नेशनल नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर है।
एसएचओ ने कहा कि अपनी पर्सनल जानकारी किसी के साथ शेयर न करें और न ही किसी को अपनी फोटो दें। किसी भी डाउनलोड फाइल पर क्लिक न करें और न ही किसी फाइल को डाउनलोड करें। डिजिटल गिरफ्तारी का कोई प्रावधान नहीं है। किसी तरह की कॉल व ऑनलाइन फ्रॉड किसी व्यक्ति से होता है तो तुंरत संबधित साइबर क्राइम के थाने में इसकी शिकायत दी जाए।
