जालंधर, ENS: पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने जालंधर के अधिकार क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा सहिंता, 2023 की धारा 163 का प्रयोग करते हुए सभी रेस्टोरेंट, क्लब और अन्य लाइसेंस प्राप्त खाने-पीने की जगहें आधी रात 12 बजे तक बंद करने के आदेश जारी किए हैं। आदेशों में कहा गया है कि किसी भी रेस्टोरेंट, क्लब या खाने-पीने की जगह में रात 11:30 बजे से बाद भोजन, पेय पदार्थ आदि का कोई ऑर्डर नहीं लिया जाएगा और न ही किसी नए ग्राहक को रात 11:30 बजे से बाद रेस्टोरेंट, क्लब या अन्य खाने-पीने की जगहों में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी।
शराब की दुकानों के पास लगे स्थानें रात 12 बजे या लाइसेंस की शर्तों के अनुसार बंद होनी चाहिए। आदेश में सभी संस्थानों को आवाज का स्तर 10 डेसिबल (ए) का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इन आदेशों में कहा गया है कि डीजे, लाइव आर्केस्ट्रा/सिंगर समेत सभी ध्वनि स्रोत रात 10 बजे बंद हो जाएं या उनकी आवाज कम हो। रात 10 बजे के बाद किसी भी भवन या कैंपस के अंदर निकलने वाली आवाज उसकी दीवारों से बाहर सुनाई नहीं देनी चाहिए। म्यूज़िक सिस्टम वाले वाहनों के मामले में, यह सुनिश्चित किया जाए कि म्यूज़िक सिस्टम द्वारा उत्पन्न आवाज दिन के किसी भी समय वाहन के बाहर सुनाई न दे।
पुलिस कमिश्नर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा सहिंता, 2023 की धारा 163 और आर्म्ज़ रुलज़ 2016 के नियम नंबर 32 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए, उनके क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक और धार्मिक स्थानों, विवाह समारोह/पार्टियों के दौरान मेरिज पार्लरों/होटल्स/हॉलों आदि में हथियार लेकर जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति हथियारों को प्रमोट करने वाले और हिंसा/लड़ाई-झगड़ों की वडिया करने वाले गीत, हथियारों के साथ फोटो खिंचवाने या वीडियो क्लिप बनाकर सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, वॉट्सएप, स्नैपचैट और इंस्टाग्राम पर अपलोड नहीं करेगा, ऐसा करने पर भी पूर्ण प्रतिबंध है।
इसके अलावा कोई भी व्यक्ति किसी भी समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाली भाषा नहीं बोलेगा। एक अन्य आदेश के तहत, पुलिस कमिश्नर जालंधर की सीमा के भीतर बाइक चलाते समय साइलेंसर में तकनीकी बदलाव कर पटाखे आदि चलाने वाले वाहनों के चालकों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है और यह भी आदेश जारी किए गए हैं कि कोई भी दुकानदार या ऑटो कंपनी निर्धारित मानकों के विरुद्ध साइलेंसर नहीं बनाएगा और न ही किसी मैकेनिक द्वारा साइलेंसरों में तकनीकी फेरबदल किया जाएगा। उपरोक्त सभी आदेश 7 मार्च 2026 तक लागू रहेंगे।