जालंधरः नाबालिग बच्चियों का अपहरण कर उनका शारीरिक शोषण करने, भीख मंगवाने और अमानवीय अत्याचार के मामले में आरोपी को मरते दम तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई है। जिला एवं सेशन जज अर्चना कंबोज की अदालत ने सुनाई करते आरोपी को दोषी करार दिया। दोषी की पहचान राजेश पांडे के रूप में हुई थी, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के थाना खेहरी के ग्रामपारा का रहने वाला है और वारदात के समय वह जालंधर के बस्ती बावा खेल इलाके में रह रहा था। दोषी पर एक लाख 28 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है तो उसे एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मामले की जांच और सुनवाई में सामने आया था कि आरोपित ने बच्चियों को अगवा करने के लिए धार्मिक आस्था का सहारा लिया। 6 अप्रैल 2025 को कंजक पूजन के दिन आरोपी ने एकता नगर से 13 वर्षीय बच्ची को कंजक दिलाने और ज्यादा पैसे दिलवाने का लालच देकर अपने साथ ले गया। इसी तरह 20 फरवरी 2025 को हरगोबिंद नगर से 9 वर्षीय बच्ची को लंगर खिलाने के बहाने साथ ले गया।
दोनों ही मामलों में आरोपी सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ। पुलिस आरोपी को कपूरथला से गिरफ्तार कर जालंधर लाई और तीनों बच्चियों को उनके स्वजन के हवाले किया। अदालत में बच्चियों ने बताया कि आरोपित तलवार रखता था। काम से मना करने और घर जाने की बात करने पर पीटता था। खाने के नाम पर एक छोटी कटोरी में थोड़े से चावल दिए जाते थे।
