जालंधर, ENS: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का जालंधर में 11 एकड़ में घर बनाया जा रहा है। बताया जा रहा हैकि डिविजनल कमिश्नर की कोठी थी। मिली जानकारी के अनुसार मौजूदा अधिकारी प्रदीप कुमार सभ्रवाल की इस कोठी में ट्रांसफर हुई थी, लेकिन वह एक बार भी कोठी में नहीं रहे। अधिकारी प्रदीप सभ्रवाल इस समय जेपी नगर में स्थित अपनी कोठी में रह रहे है। जानकारी के अनुसार इससे पहले डिविजनल कमिश्नर की कोठी में गुरप्रीत सपरा रह रही थी। जिसके बाद से कोठी खाली पड़ी हुई है।
ऐसे में अब कहा जा रहा हैकि इस कोठी में सीएम भगवंत मान रहेंगे। बता दें कि 1848 में इस कोठी में सबसे पहले ब्रिटिश कमिश्नर, सर जॉन लॉरेंस घर में आए थे। शहर के पुरानी बारादरी इलाके में स्थित इस कोठी में पिछले 176 सालों में करीब 140 कमिश्नर रह चुके हैं। कोठी में 11 एकड़ की जगह है, जिसमें एक एकड़ में लेख ही बने हुए है। जिसमें मोटर वोटिंग भी होती थी।
कोठी के मुख्य हॉल में ब्रिटिश काल के समय की 2 राइफलें लटकी हुई हैं। बताया जा रहा है कि इस कोठी में 4 ड्राइंग रूम, 4 शयनकक्ष, 3 कार्यालय कक्ष, एक बाहरी बरामदा और सहायक कर्मचारियों के लिए 10 फ्लैट बने हुए है। जिसमें कुक, सहित अन्य कर्मियों को लेकर यह फ्लैट बने हुए है। मिली जानकारी के अनुसार इस कोठी में खेती भी होती है, जिसमें अनाज सहित सब्जियां भी उगाई जाती है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कहा कि सीएम भगवंत मान इतने सारे इतिहास वाले घर में रहने के लिए “वास्तव में उत्सुक” थे। बताया जा रहा है कि “ऐसी विरासत आवासीय इमारतों का संरक्षण INTACH जैसे संरक्षण विशेषज्ञों द्वारा किया जाना चाहिए ताकि इसके विरासत मूल्य को बरकरार रखा जा सके। वहीं इस मामले की जानकारी देते हुए सुरक्षा पुलिस कर्मचारी सीता राम ने बताया कि इस कोठी में सीएम भगवंत मान रहना शुरू करेंगे। वहीं पुलिस कर्मी ने कहा कि कमरों की रिपेयरिंग का काम लेबर द्वारा शुरू हो गया है।
पुलिस कर्मी ने कहा कि जितना उन्हें पता था वह सबकुछ बता दिया गया है। उन्होंने कहा कि कोठी की रोजाना चैकिंग की जा रही है, लेकिन उनकी ड्यूटी कुछ माह पहले ही यहां लगी है। पुलिस कर्मी ने बताया कि इस समय 2 सुरक्षा कर्मी तैनात है। उन्होंने कहा कि कोठी में रिपेयरिंग का काम कितना पेंडिंग है उसके बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं है। वहीं इस कोठी की चैकिंग के लिए रोजाना पीडब्लयूडी और बिजली अधिकारी आते है और काम की देखरेख करते है। सुरक्षाकर्मी ने कहा कि कोठी में सुरक्षा की तैनाती के चलते कोई शरारती अनंसर कोठी के पास भी नहीं घूम सकता।