जालंधर, ENS: पीएपी में एससी स्टूडेंट्स को आप सरकार की ओर से वजीफा राशि के चेक बांटे जाएंगे। बच्चों को चैक बांटने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, वित्त मंत्री हरपाल चीमा, कैबिनेट मंत्री हरप्रीत सिंह मुंडिया, कैबिनेट मंत्री बलजीत कौर सहित अन्य नेता पहुंचे। इस दौरान भारी गिनती में स्टूडेंट स्टेडियम में पहुंचे।
वहीं मामले की जानकारी देते हुए दिलप्रीत ने सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह चमकौर साहिब के गांव का रहने वाला है और उसने डॉक्टर बनने का सपना देखा था। दिलप्रीत ने कहा कि उनके गांव में से कोई डॉक्टर नहीं है। दिलप्रीत के पिता नौकरी करते है। दिलप्रीत का सपना के आसार जागी जब उसकी पिम्स अस्पताल में सरकारी सीट निकली। उन्होंने कहा कि मेडकिल कॉलेज की फीस उनके खर्चे के कई गुना ज्यादा थी।
इस दौरान उन्हें पता चला कि सरकार की ओर से पीएमएस स्कीम निकाली गई है। इस दौरान कॉलेज की ओर से बिना फीस लिए उसे सीट दी गई। दिलप्रीत ने कहा कि आज वह मान के साथ कह सकता है कि सरकार की पीएमएस स्कीम के तहत उसका डॉक्टर बनने का सपना पूरा किया। ऐसे में अब मान के साथ वह कह सकता है कि वह गांव का पहला डॉक्टर बनने जा रहा है।
वहीं स्टूडेंट हर्षिता ने कहा कि वह लॉ जैसा मंहगा कोर्स सरकार के कारण कर रही है। पीएमएस स्कीम के कारण वह आज अपने सपने को पूरा कर रही है और सरकार की स्कीम ने उसकी आस जगाई और आज वह जज बनने का सपना पूरा कर रही है। एससी स्कीम के कारण सरकार की मदद से वह आज अपने पैरों पर खड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि सीएम मान की सरकार ने वादें ही नहीं किए बल्कि उन्हें पूरा किया है और हर्षिता ने सीएम मान सहित सभी टीचर का आभार व्यक्त किया।
पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पिछली सरकारों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल के दौरान अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों की स्कॉलरशिप (छात्रवृत्ति) में बड़ा घोटाला हुआ था, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य अंधकार में डाल दिया गया। सीएम ने कहा कि इस कार्यक्रम को सफल करने के लिए जितने भी लोगों ने पर्दे के पीछे मेहनत की है, उस सबका धन्यावाद। संत राम उदासी ने लिखा है कि मघदा रहीं वे सूरजा…आज विद्या के सूरज को आपके घरों में उगाने का एक छोटा सा उपाय है। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का भी यही सपना था। मुझे बहुत खुशी हो रही है कि मैं आज ऐसे बच्चों को देख रहा हूं जिनकी आंखों में बड़े सपने हैं।
स्कालरशिप मिलने से ये बच्चे अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करेंगे। इन बच्चों में से कोई वकील बनना चाहते हैं कोई डॉक्टर बनना चाहता है। मेरे साथ सामाजिक सहकारिता मंत्री डाक्टर बलजीत कौर बहुत गरीबी से निकली हैं। इनके उपायों के चलते ही आज इस स्कीम में बच्चों को उनके ड्रीम पूरे करने का रास्ता मिल रहा है। बच्चों में एक जुनून चाहिए कुछ बनने का। वो जो सोचेंगे वो बन जाएंगे।
आज लाखों बच्चों को स्कालरशिप बांटी गई है। जालंधर में 10 हजार बच्चे बुलाए गए हैं। वजीफा लेने वाले बच्चों में 35 फीसदी की बढ़ौतरी हुई है। सरकार इसमें कोई एहसान नहीं कर रही है, सरकार का फर्ज है कि कमजोर वर्ग के बच्चों को आगे बढ़ाया जा सके। पंजाब में हमसे पहले वाली सरकार ने पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप के पैसे रोक दिए। तब मैं एमपी था। जब बच्चों की स्कॉलरशिप रुकी तो उनको स्कूलों ने रोल नंबर नहीं दिए। इससे भी बड़ी बात जो मंत्री था वो खुद एससी समाज से था। उसने खुद अपने समाज को पीछे धकेल दिया। हम कई बार इसलिए आदमी को चुन लेते हैं कि वो हमारा अपना ही है, लेकिन उनको क्या पता था कि वो किससे मिले हुए हैं।
