जालंधर, ENS: कबीर नगर इलाके में 2 पक्षों में झड़प हो गई। मिली जानकारी के अनुसार ई-रिक्शा मोड़ने और पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हुआ है। इस दौरान दोनों पक्षों में विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने दूसरे पर तेजधार हथियारों और लोहे के पंप से हमला कर दिया। घटना में ई-रिक्शा चालक और उसके परिवारिक सदस्य घायल हुए है, जिन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। पीड़ितों का आरोप है कि हमलावरों ने सरेआम गुंडागर्दी की और उनके सिर पर वार किए। घटना के बाद घायलों को जालंधर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर भी मिलीभगत और सुनवाई न करने के गंभीर आरोप लगाए।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित पक्ष ई-रिक्शा चलाने का काम करता है। विवाद उस समय शुरू हुआ जब ई-रिक्शा मोड़ने को लेकर दूसरे पक्ष के युवकों के साथ उनकी बहस हो गई। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि दूसरे पक्ष ने करीब 10-12 युवकों को इकट्ठा कर लिया और हथियारों के साथ हमला बोल दिया। पीड़ित बुजुर्ग ने बताया कि वह अपने बेटे और 8 साल के पोते के साथ जा रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। हमलावरों के हाथों में तेजधार दातर और लोहे के भारी पंप थे। आरोप है कि हमलावरों ने सीधे सिर को निशाना बनाकर वार किए। बुजुर्ग ने आरोप लगाया कि उनकी बहू, जो गर्भवती है, उसके सामने ही इस पूरी वारदात को अंजाम दिया गया और उनके परिवार को जान से मारने की कोशिश की गई।
पीड़ित परिवार का दावा है कि यह हमला पुरानी रंजिश के चलते योजनाबद्ध तरीके से किया गया है। उन्होंने बताया कि हमलावर इलाके में नशे (चिट्टे) के कारोबार में संलिप्त हैं और पहले भी उनके साथ विवाद कर चुके हैं। परिवार का कहना है कि उन्होंने पहले भी पुलिस में शिकायत दी थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे हमलावरों के हौसले बुलंद हो गए।
पीड़ितों ने कहा कि पुलिस उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें ही डरा-धमकाकर वापस भेज देती है। उनका आरोप है कि पैसे और रसूख के चलते पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। बुजुर्ग ने भावुक होते हुए कहा कि गरीब बंदे की कोई सुनवाई नहीं है और पुलिस अधिकारी समझौता करने का दबाव बनाती हैं। सिविल अस्पताल में घायलों ने बताया कि हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें अब भी धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज और मौके पर मौजूद गवाहों के आधार पर हमलावरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
