जालंधर, ENS: शेर सिंह कॉलोनी के घर से 32 वर्षीय तनिष अरोड़ा उर्फ नन्नी का शव बरामद हुआ। शव बुरी तरह से गल चुकी थी। हालांकि घटना कुछ दिन पुरानी है, लेकिन शव की अब पहचान हो पाई है। इस घटना को लेकर परिवार का आरोप है कि तनिष को उसके साथी दीपक ने मारा था। बताया जा रहा है कि दीपक पर पहले भी थाना मकसूदां में कत्ल का केस दर्ज है। उसने बुलंदपुर में 6 लोगों को छुरा मारा था, जिसमें से एक की मौत हो गई थी। परिवार का दावा है कि उन्होंने दीपक के साले, उसके बेटे और जीजा को राउंडअप करवा दिया है। हालांकि पुलिस ने किसी को हिरासत में लेने की बात नहीं कही। लैदर कॉम्पलेक्स चौकी के प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजमेर सिंह ने बताया कि आरोपी अभी पुलिस की हिरासत से बाहर है। उसे ढूंढने के लिए पुलिस काम कर रही है।
परिवार ने दीपक पर कत्ल का शक जाहिर किया है। संभवतः वहीं कातिल है। क्योंकि कत्ल वाली जगह पर वही किराए पर रहता था और कत्ल वाले दिन से ही गायब है। उसे जल्द अरेस्ट कर लिया जाएगा। तनिष के भाई मनीष अरोड़ा ने बताया कि आरोपी ने तनिष के कत्ल के बाद डेडबॉडी को खुर्द-बुर्द करने की योजना बनाई थी। बॉडी को 4 जगह से काटा गया था। इसके बाद पहले तिरपाल, फिर बोरे और इसके बाद गाड़ी का मैट डालकर रस्सी से बांध दिया। घर के ग्राउंड फ्लोर पर किराए पर परिवार रहने के चलते आरोपी लाश को लेकर नहीं जा सका। इसके चलते उसने अपने किराए के पोर्शन में बने बाथरूम के दरवाजे के साथ अंदर से लाश को खड़ा कर दिया था ताकि दरवाजा खुल न सके।
मनीष अरोड़ा ने बताया कि तनिष और वह दोनों ऑटो चलाते हैं। तनिष पहले भी 2-2 दिन तक घर से बाहर रहता था। बुधवार (3 जून) को वह घर से रोजाना की तरह ऑटो लेकर निकला था। लेकिन शुक्रवार 5 जून को पता चला कि उसकी डेडबॉडी मिली है। इससे परिवार हैरान रह गया। तनिष का बहुत बुरी तरह से कत्ल किया गया था। उसकी बॉडी को दातर से 4 जगह गर्दन, धड़, जांघों और पैरों के पास से काटा गया था। डेडबॉडी बिल्कुल गल चुकी थी जिससे उन्हें भी पहली बार में पहचान करना मुश्किल हो गया। भाई ने बताया कि बिहार के रहने वाले दीपक ने इस वारदात को अंजाम दिया।
उसने हत्या के बाद भाई की लाश को ठिकाने लगाना चाहा। शायद वो डेडबॉडी के टुकड़े कर उसे ऑटो के जरिए दूर सुनसान जगह फेंकने की फिराक में था। कामयाब न होने पर वह पत्नी और बच्चों के साथ घर को ताला लगाकर भाग गया। कत्ल के बाद उसने पहली रात कुछ दूर पर ही रहते अपने साले के घर पर गुजारी। सुबह वह लुधियाना चला गया। जालंधर आने से पहले वह 5-6 साल तक लुधियाना में काम कर चुका था। घटना के बाद से तनिष का ऑटो भी नहीं मिला। 4 दिन बीतने के बाद पुलिस ऑटो रिकवर नहीं कर पाई है। अब पता नहीं चल रहा है कि आरोपी किसी दूसरे साधन से लुधियाना भागा या फिर ऑटो भी साथ ले गया। भाई का आरोपी दीपक के साथ पैसों का लेन-देन था। इसलिए उनका पहला शक दीपक पर ही गया।
उसके साले को घर से राउंडअप किया तो उसने बताया कि दीपक कत्ल के बाद यहां रुका था। भाई ने बताया कि दीपक पर कत्ल का शक इसलिए भी पुख्ता हो गया क्योंकि कत्ल के बाद दीपक का ऑटो उसके साले के घर के बाहर से बरामद किया गया। पुलिस को उन लोगों ने ही दीपक के साले, उसके बेटे और दीपक के जीजा से पूछताछ करने के लिए कहा था। उन्हें शक है कि ये कत्ल अकेला दीपक नहीं कर सकता बल्कि इसमें और भी लोगो का हाथ हो सकता है।तनिष के भाई मनीष ने कहा कि आरोपी परिवार समेत गायब है।
