जालंधर, ENS: बस स्टैंड पर देर रात पंजाब रोडवेज के जालंधर डिपो-2 में कर्मियों का कार सवार नौजवानों से झगड़ा हो गया। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर हाथापाई हुई। जहां दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर बेहरमी से मारपीट के आरोप लगाए है। इस घटना में दोनों पक्षों के घायल व्यक्तियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मामले की जानकारी देते हुए जालंधर डिपो 2 के प्रधान सतपाल सत्ता ने बताया कि कुछ नौजवानों ने प्राइवेट गाड़ी उनके डिपो के अंदर खड़ी थी। इस दौरान कर्मियों ने नियमों के अनुसार उन्हें गाड़ी को अंदर प्रवेश करने से रोका गया।
इसी बात पर उन्होंने झगड़ा शुरू कर दिया और मौके पर ही आधा दर्जन युवाओं को बुलाकर ड्राइवर कुलवंत सिंह और कंडक्टर लवप्रीत सिंह के साथ झगड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है। दोनों को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। दोनों मुलाजिमों के काफी इंजरी हुई है। इस घटना के बाद मौके पर डिपो के जनरल मैनेजर गुरिंदर सिंह भी मौके पर पहुंचे और कहा कि घटना को लेकर पुलिस को शिकायत दे दी गई है। वहीं दूसरे पक्ष ने आरोप लगाते हुए अमित नामक व्यक्ति ने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों का उसके 2 भाईयों के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। लड़ाई के दौरान एक भाई के गंभीर चोटें आई।
घायल युवक के बड़े भाई ने पुलिस की मौजूदगी में मारपीट होने और घायल को मेडिकल दिलवाने की बजाय उल्टा हैरेसमेंट करने के आरोप लगा बस स्टैंड चौकी में खूब हंगामा किया। हंगामे के दौरान उसने कहा कि पुलिस के सामने उसके भाई को मारा गया। लेकिन पुलिस ने भाई को बचाने की कोशिश नहीं की और भाई को घायल हालत में थाने में लाकर बैठा लिया, वहीं चौकी इंचार्ज ने कहा कि उनकी टीम युवक को हमले के दौरान भीड़ से बचाकर थाने लेकर आई है। घायल युवक के बड़े भाई अमित ने बताया कि वह तीन भाईयों में से सबसे बड़ा हैं।
उसका सबसे छोटा भाई इमीग्रेशन का काम करता है और वह डॉक्यूमेंट लेने के लिए बस स्टैंड के डीपू नंबर दो के वर्कशाप के बाहर आया था, जहां उसने रोडवेज के डीपू के नंबर दो गेट के बाहर कार लगाई तो उस दौरान भाई की कार लगाने को लेकर रोडवेज कर्मचारियों के साथ बहसबाजी हो गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि बहसबाजी के दौरान रोडवेज के कर्मचारी उसके भाई के साथ हाथापाई करते हुए कैबिन में ले गए, जहां जाकर उन्होंने उसे केबिन के अंदर बंद कर दिया। छोटे भाई ने खुद को केबिन के अंदर देख दूसरे भाई अंकित को काल की तो वह उसे बचाने के लिए डीपू में पहुंचा। उसने केबिन का दरवाजा खोलने की कोशिश की लेकिन दरवाजा खुला नहीं, जिसके बाद उसने जोर लगाते हुए दरवाजे को धक्का दिया तो केबिन का दरवाजा टूट गया।
उसका भाई अंकित छोटे भाई लेकर जा रहा था कि उसी दौरान दोबारा फिर पीछे आए रोडवेज के कर्मचारी उसके भाई अंकित को घसीटते हुए रोडवेज के डीपू के अंदर ले गए, जहां ले जाकर 20 से 25 रोडवेज के कर्मचारियों ने सामने खड़ी पुलिस की मौजूदगी में उसके साथ मारपीट की। पीड़ित ने आरोप लगाया कि पुलिस उसके भाई को बचाने की बजाय उल्टा पकड़ कर थाने ले आई, जहाँ लाकर उसे मेडिकल इलाज करवाने की जगह हिरासत में ले लिया गया। वही बस स्टैंड चौकी के इंचार्ज मोहिंदर सिंह ने बताया कि उनकी टीम युवक को झगड़े के दौरान भीड़ से बचाकर थाने लेकर आई थी। उसे हिरासत नहीं किया गया बल्कि उसके बयान लिए जा रहे थे। उनकी टीम मामले की जांच में जुटी हुई है और वह बनती कार्रवाई करेंगे।
