जालंधर, ENS: शाहकोट में 6 साल पहले गोयल मोटर्स के मालिक मनीष गोयल के माता-पिता को जिंदा जलाने की कोशिश करने के मामले में नौकरानी सुशीला ताती और बॉयफ्रेंड लखविंदर सिंह लक्की को लेकर कोर्ट में सुनवाई हुई। जहां कोर्ट ने दोनों को 7-7 साल की कैद और 80-80 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, दोषियों के एक और साथी दिलशाद उर्फ रजत वासी रामामंडी को एक साल की कैद हुई है। सुशीला ने माना था कि करीब डेढ़ साल पहले फेसबुक के जरिए उसकी दोस्ती फिल्लौर के तेहंग गांव में रहने वाले लखविंदर सिंह लक्की से हुई थी।
वह गोयल के घर काम करने आ गई। लक्की कहता था कि वह उसके साथ पूरी जिंदगी गुजारना चाहता है, लेकिन अभी उसके पास इतने पैसे नहीं हैं। तब चोरी का प्लान बनाया। लक्की ने कहा कि इन पैसों से वह दोनों दुबई भागकर शादी कर लेंगे। दो दिन पहले उसने जेवर और कैश चोरी कर लक्की के एक दोस्त को दे दिए थे। लक्की ने सुशीला को नींद की गोलियां दी थीं, जो उसने 30 जनवरी को दाल और सब्जी में मिलाकर दंपती को खिला दीं।
दंपती का रूम रसोई के बगल में था। रात में गैस सिलेंडर की पाइप निकाल कर बेड के नीचे कर दी और आग लगा दी। सुशीला को डर था कि उसकी पोल खुल जाएगी। इसलिए वह नकोदर में छुप कर रह रही थी। इसके बाद वह लक्की के पास फिल्लौर जा रही थी कि तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया था। वहीं शाहकोट के मोहल्ला करतार नगर निवासी सीता गोयल ने बताया था कि माता-पिता की देखभाल के लिए उनके बेटे मनीष गोयल और अमित गोयल ने दिल्ली की एक कंपनी के जरिए असम की रहने वाली नौकरानी सुशीला को रखा था।
30 जनवरी की रात करीब 10 बजे दम घुटने लगा। देखा तो उनके बेड में आग लगी थी। पति बेहोश थे। शोर सुनकर बेटे और पड़ोसी आ गए। दोनों को झुलसी हालत में डीएमसी लुधियाना भर्ती करवाया गया था। घर आए तो पता चला कि नौकरानी और अलमारी से कैश व सोने के जेवर भी गायब थे। अब एडिशनल सेशन जज परमिंदर सिंह राय की कोर्ट ने सजा सुनाई है।
