जालंधर, ENS: पंजाब और एशिया के पहले वेजिटेरियन बॉडी बिल्डर और एक्टर वरिंदर घुम्मन की एक वीडियो इंस्टा पर शेयर की गई है। उनके आखिरी वीडियो ने आज हर किसी का दिल झंझोड़ कर रख दिया है। कैसे वह ऑपरेशन से पहले भी मुस्कुराते हुए मजाक कर रहे थे, लेकिन किसे पता था कि डॉक्टरों की कथित लापरवाही एक हीरे को छीन लेगी। इस घटना के बाद आज उनका परिवार और फैंस सिर्फ इंसाफ की मांग कर रहे हैं ताकि सच को दबाया न जा सके। इसके साथ ही लिखा की जस्टिस फार वरिंदर घुम्मन।
इस वीडियो को लेकर परिवार और दोस्तों ने इस पर लिखा कि वरिंदर घुम्मन के आखिरी पल (लास्ट मोमेंट ऑफ वरिंदर घुम्मन)। इसके साथ ही कहा कि आज भी वरिंदर घुम्मन को देखते हैं तो वो पल दिल को झिंझोर देते हैं। दोस्तों ने ये भी लिखा कि वरिंदर घुम्मन पाजी का जाना सिर्फ एक परिवार की क्षति नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक गहरा सदमा है। वह निडर, बेबाक और हमेशा हंसते रहने वाले इंसान थे। बता दें कि मसल का आपरेशन करवाने अमृतसर गए वरिंदर घुम्मन का 9 अक्टूबर 2025 को निधन हो गया था। उनका शरीर नीला पड़ चुका था। इसके बाद परिवार ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था।
घुम्मन की मौते पंजाब के हेल्थ सिस्टम की पोल खोलती है- परिवार और दोस्तों ने वीडियो शेयर कर पंजाब के हेल्थ सिस्टम पर सवाल उठाए। लिखा कि पंजाब की शान और अंतरराष्ट्रीय बॉडी बिल्डिंग के चमकते सितारे वरिंदर घुम्मन की मौत ने हेल्थ सिस्टम और डॉक्टरों की जिम्मेदारी की पोल खोली है। तुसीं मैंनू ढाह लैणा शब्द कड़वा सच बन गए- घुम्मन के आखिरी वीडियो में फैंस और दोस्तों का दावा है कि वरिंदर पाजी बेहद खुश नजर आ रहे थे। वह ऑपरेशन थिएटर जाने से पहले मजाकिया अंदाज में कह रहे थे कि हुण तुसीं मैंनू ढाह लैणा (अब आप मुझे गिरा दोगे या बेहोश कर दोगे)। अफसोस है कि उनकी यह बात कड़वा सच बन गई और वह फिर कभी वापस नहीं लौटे।
घुम्मन की मौत लापरवाही का नतीजा- वरिंदर घुम्मन के समर्थकों और परिवार का सीधा आरोप है कि यह मौत नेचुरल नहीं बल्कि गैर-जिम्मेदार डॉक्टरों की लापरवाही का नतीजा है। आरोप लगाया जा रहा है कि जब सच सामने आने लगा और गुनाह बेनकाब होने की बारी आई, तो मामले को रफा-दफा करने और सच को दबाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया है।
फैंस परिवार के साथ पहाड़ की तरह खड़े- फैंस और दोस्तों ने लिखा कि मुश्किल घड़ी में वरिंदर घुम्मन के चाहने वाले उनके परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। सोशल मीडिया पर जस्टिस फॉर वरिंदर घुम्मन की मुहिम चल रही है। लोगों का मानना है कि भले ही आज सच को झुकाने की कोशिश हो रही हो, लेकिन वाहेगुरु के घर देर है अंधेर नहीं। फैंस को पूरी उम्मीद है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी और सच की जीत होगी। यह लड़ाई अब केवल एक इंसान की नहीं, बल्कि हक और सच की लड़ाई बन चुकी है।
