जालंधर, ENS: ईरान, इजराइल और अमेरिका में चल रहे युद्ध का असर भारत में दिखाई दे रहा है। देश भर में कमर्शियल एलपीजी गैस की किल्लत के बाद घरेलू उपभोक्ता भी परेशान हो रहे है। हालांकि प्रशासन द्वारा लोगों से अपील की जा रही है कि घरेलू एलपीजी गैस को लेकर कोई किल्लत नहीं है। लेकिन उसके बावजूद लोगों की एलपीजी गैस को लेकर एजेंसी के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई है। वहीं लोग अब एलपीजी गैस की बुकिंग ना होने से परेशान होकर इलेक्ट्रिलक चूल्हा (इंडक्शन) की ओर रूख करने लगे है। जिसके कारण इंडक्शन की डिमांड बाजार में बढ़ने लगी है।
इंडक्शन की डिमांड बढ़ने से दामों में भी बढ़ौतरी हो गई है। वहीं मामले की जानकारी देते हुए दुकानदारों ने बताया कि दामों में 500 से अधिक बढ़ौतरी हुई है। फगवाड़ा गेट में स्थित दुकानदार सीएच बेदी ने बताया कि इंडक्शन की पहले डिमांड ज्यादा नहीं थी, लेकिन एलपीजी गैस की किल्लत के बाद से अब 2 से 4 दिनों से इंडक्शन की डिमांड बढ़ने लग गई है। दुकानदार ने कहा कि रोजाना भारी मात्रा में ग्राहक इंडक्शन की डिमांड कर रहा है। ऐसे में लगातार इंडक्शन की सेल में बढ़ौतरी होने से कंपनियों के पास स्टॉक में कमी आ गई है और स्टॉक खत्म होने की कगार पर है। दुकानदार ने कहा कि सामान की शॉर्टेज होने के कारण स्टॉक में कमी आई है और दामों में भी बढ़ौतरी हुई है। वहीं करण बेदी ने कहा कि 90 प्रतिशत लोगों का रुझान इलेक्ट्रिकल चूल्हे की ओर है।
ऐसे में अब दामों में बढ़ौतरी हो गई है। वहीं अन्य दुकानदार सोनिका ने बताया कि सिलेंडर ना मिलने से इलेक्ट्रिकल चूल्हे की डिमांड बढ़ गई है। ऐसे में दुकानदार ने कहा कि जिस इलेक्ट्रिकल चूल्हे का दाम एलपीजी गैस की कमी से पहले 2500 रुपए था, आज उसी इलेक्ट्रिकल चूल्हे का दाम 3700 से अधिक हो गया है। ऐसे में एक हजार से 1200 रुपए दामों में बढ़ौतरी हो गई है। कंपनी के पास भी स्टॉक ज्यादा नहीं है। जिसके कारण अचानक दामों में बढ़ौतरी हो गई है। दुकानदार ने कहाकि एक सिलेंडर की बुकिंग को लेकर 30 से 35 दिन लग रहे है, जिसके कारण अब ग्राहकों का रूझान इलेक्ट्रिक चूल्हे की ओर देखने को मिल रहा है।