जालंधर, ENS: अमेरिका से भारत डिपोर्ट किए गए सैकड़ों भारतीय नागरिकों को लेकर केंद्र सरकार ओर पंजाब सरकार ने ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कड़े सख्त कदम उठाते हुए कार्यवाही करने के आदेश दिए है। वहीं हाल ही में मीडिया द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन डंकी को लेकर प्रशासन भी हरकत में आ गया। जिसके चलते बीते दिन पुलिस द्वारा कई समय से मामले दर्ज किए जाने वाले ट्रैवल एजेंट दफ्तरों में रेड की गई थी। अब जालंधर के डीसी डॉ हिमांशु अग्रवाल द्वारा ट्रैवल एजेंटों को लेकर बयान दिया ओर कहा कि 271 ट्रैवल एजेंटों को लेकर नोटिस जारी किया है। डीसी ने कहा कि इन ट्रैवल एजेंटो का डाटा काफी समय से प्रशासन द्वारा तैयार किया जा रहा था।
वहीं अमेरिका से डिपोर्ट हुए यात्रियों को लेकर मुद्दा गरमाया हुआ था। ऐसे में वह चाहते थे कि विदेश जाने वाला कोई भी व्यक्ति इन ट्रैवल एजेंट के जाल में ना फंसे और धोखाधड़ी का शिकार हो जाए। जिसको लेकर उक्त 271 ट्रैवल एजेंट को लेकर शोकॉज नोटिस जारी किया गया। उन्होंने बताया कि पहले ट्रैवल एजेंट का लाइसेंस की रिन्यूअल 3 साल की होती थी जोकि अब बढ़कर 5 साल की हो गई है। ऐसे में जिन ट्रैवल एजेंटों ने अपने लाइसेंस की रिन्यूअल नहीं करवाई है। इस शोकॉज नोटिस में कहा गया है कि वह रिन्यूअल वाजिब तरीके से करवाएं। डीसी ने कहा कि अगर नोटिस का जवाब उक्त ट्रैवल एजेंटों द्वारा नहीं दिया जाता तो उसके बाद उनके खिलाफ लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जाएगी और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
डीसी ने बताया कि बाहर से डिपोर्ट होकर आए लोगों को लेकर उक्त ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ की गई कार्रवाई से कोई संबंध नहीं है। डिपोर्ट होकर आए यात्रियों से अगर उन्हें किसी ट्रैवल एजेंट के खिलाफ शिकायत मिलती है तो उनके खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी। पंजाब सरकार द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक विदेश जाने वाले लोगों के लिए सरकार की ओर वैबसाइड जारी की गई है, ताकि वह सही ट्रैवल एजेंटों से विदेश जाने के लिए संपर्क करें। वहीं बीते दिन बस स्टैंड पर पुलिस द्वारा ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर डीसी ने कहा कि उनके खिलाफ पहले से मामले दर्ज थे, उसी के तहत यह कार्रवाई की गई। आने वाले समय में कई ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई देखने को मिलेगी। वहीं उक्त 271 ट्रैवल एजेंटों को जारी नोटिस को लेकर डीसी ने कहाकि यह ट्रैवल एजेंट सरकारी वेबसाइड द्वारा जारी सूची से अलग है। नोटिस का जवाब आने पर इन्हें भी सूची में डाल दिया जाएगा।