जालंधर, ENS: नेहरू गार्डन स्कूल की 17 वर्षीय स्टूडेंट ने जुडो के नेशनल मैच में गोल्ड मैडल हासिल करके जालंधर का नाम रोशन किया। मीडिया से बात करते हुए रागिनी ने बताया कि वह पढ़ाई करके यूपीएस की तैयारी करने के बारे में सोच रही थी। लेकिन उसके कभी नहीं सोचा था कि वह खेल में अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगी। 17 वर्ष की आयु में रागिनी ढेर सारे मैडल हासिल किए है, वहीं अब नेशनल मैच में जीतकर गोल्ड मेडल हासिल किया है। रागिनी ने बताया कि नेहरू गार्डन स्कूल में जुडो के टीचर सुधीर से उसने ट्रेनिंग ली थी। जिसके बाद वह गेम में अच्छा प्रदर्शन करते हुए कई ड्रिस्ट्रिक और स्टेट लेवल मैच खेलने के बाद नेशनल में शानदार प्रदर्शन किया। रागिनी ने बताया कि वह अब 18 से 20 डिस्ट्रिक मैच और 15 से 17 स्टेट लैवल मैच खेल चुकी है।
वहीं इस साल नेशनल लैवल में खेले गए मैच में गोल्ड मैडल हासिल किया है। इस दौरान 17 से 18 स्टेट के खिलाड़ी आए हुए थे। रागिनी ने बताया कि उसकी 5 फाइट हुई और उसने पांचों में जीत हासिल की। छोटी सी उम्र में भारी मात्रा में मेडल जीत चुकी है। रागिनी ने कहा कि खेल में पिता का अहम योगदान रहा है। उन्होंने खेल में उसे काफी सपोर्ट किया है और कभी खेल के लिए उसे मना नहीं किया। वहीं कोच सुरिंदर की मेहनत से वह मुकाम हासिल कर चुकी है। ऐसे में छतीसगढ़ और दिल्ली स्टेट से उसे ऑफर मिल चुकी है और उसे वहां पर प्रैक्टिस करने के लिए अपील की गई।
रागिनी ने कहाकि उसकी यहां पर प्रैक्टि्स के दौरान कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। रागिनी ने कहाकि नेशनल मैच में वह खुद के खर्चे पर मैच खेलने के लिए गई थी। इस दौरान पिता ने खर्च उठाया, हालांकि मेडल जीतने के बाद स्कूल द्वारा उसे सम्मानित किया गया। रागिनी ने अपील की है कि प्रशासन लोगों को खेल में आगे बढ़ने के लिए उनके खर्चे उठाए। दरअसल, कई खिलाड़ी पैसों की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाते। इस दौरान रागिनी ने कहा कि हरियाणा में प्रशासन द्वारा बच्चों की खेल का खर्च उठाया जाता है। उसकी वहां के खिलाड़ियों से बात भी हुई और उन्होंने बताया कि कोच सारा खर्च उठाते है। ऐसे में प्रशासन अगर बच्चों के खेल का खर्चा उठाएंगे तो उनका हौंसला बढ़ेगा और पंजाब का बच्चे नाम रोशन करेंगे।