जालंधर/वरुणः महानगर में भोले-भाले लोगों से ठगी मारने वाले ट्रैवल एजेंटों के मामलों में लगातार बढ़ौतरी देखने को मिल रही है। इस माह 7 जनवरी को डिप्टी कमिश्नर जसप्रीत सिंह ने नियमों का पालन न करने पर 239 इमिग्रेशन कंसल्टेंट्स और 129 आईईएलटीएस केंद्रों के बिजनेस लाइसेंस निलंबित कर दिए थे। इसी के तहत डीसी ने निलबिंत किए इमिग्रेशन कंसल्टेंट और 129 आईलेटस केंद्रों की लिस्ट भी जारी की थी। इससे पहले डीसी ने 536 ट्रैवल एजेंटो के खिलाफ कार्रवाई की थी, लेकिन इन सबके बावजूद अभी भी कुछ ट्रैवल एजेंट लोगों से ठगी मार रहे है। वहीं आज बस स्टैंड के नजदीक FAST track Consultant ट्रैवल एजेंट द्वारा 2 लोगों से ठगी मारने का मामला सामने आया है।
बताया जा रहा है कि ट्रैवल एजेंट ने 5 लाख रुपए लेकर कनाडा का वर्कपरमिट दिलवाने का झांसा देकर ठगी मारी है। जिसके बाद अब उक्त ट्रैवल एजेंट दफ्तर बंद करके फरार हो गया है। वहीं ठगी का शिकार हुए लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया और इस मामले संबंधी बस स्टैंड चौंकी की पुलिस को शिकायत दर्ज करवा दी है। ठगी के शिकार लोगों ने बताया कि उन्हें पता चला कि उक्त ट्रैवल एजेंट बिना लाईसेंस के दफ्तर खोलकर लोगों से ठगी कर रहा था।
पीड़ितों ने बताया कि वीजा लगवाने के दौरान ट्रैवल एजेंट के दफ्तर में मनीष घई, रमन और अमित नाम के युवक मौजूद थे। इस दौरान उनके साथ पूजा नाम की महिला भी थी, जिन्होंने उन्हें झांसे में लेकर ठगी की। वहीं इस मामले को लेकर पुलिस जांच में जुट गई है। अभी दो लोगों के मामले ही उक्त ट्रैवल द्वारा ठगी के सामने आए है। अब जांच के दौरान और भी ठगी के मामले सामने आ सकते है।