जालंधर,ens : सरकार की तरफ से पराली जलाने वाले मामले में किसानों पर कार्रवाही करने की बात की गई है। किसानों का कहना है के वह मजबूरी में पराली को आग लगा रहे है क्योंकि सरकार की तरफ से ना ही कोई मशीन भेजी गई ओर ना ही सरकार को तरफ से अपने वादों को निभाया गया। किसान ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को मजबूरी में आग लगानी पड़ रही है।
किसान ने कहा कि पराली को अगर जमीन में नष्ट करते है तो, ट्रैक्टर, पेट्रोल, डीजल का बहुत खर्चा आता है। जिसके बाद अगली गेहूं की फसल बहुत मुश्किल से होती है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से किए वादे खोखले है। उन्होंने कहा कि सरकार पराली को उठाती नही है, और न ही सरकार सबसिडी देते है। जिस कारण किसानों को मुश्किलें आती है। जिस कारण किसानों को पराली को आग लगानी पड़ती है।
किसान पहले से भी कर्चे में डूबा है। सरकार की तरफ से दी गई मशीनें काफी महंगी है, उसमें कोई सबसिडी नही है। जिस कारण किसान मशीन नही ला सकता। सरकार को चाहिए कि कोई डंप बनाए। गांव के किसानों को मजबूरी में पराली को आग लगानी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा पराली को उठाने के सभी दावे फेल होते नजर आ रहे है।
