जालंधर, ENS: देहात में थाना लोहिया के अधीन आते पिपली गांव में हुए जमीनी विवाद को लेकर आज कश्मीर को ने प्रेस वार्ता करके बलविंदर सिंह पर हुए हमले को लेकर एएसआई पर गंभीर आरोप लगाए थे। जिसके बाद डीएसपी ओंकार सिंह बराड़ ने इस मामले में एक्शन लिया है। मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी ने बताया कि 3 अगस्त को हुई घटना को लेकर इस मामले को लेकर ASI को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं मुख्य आरोपी सहित 10 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए संदिग्धों की पहचान सुखजीवन सिंह उर्फ गग्गू, अमनदीप सिंह उर्फ अमना, पुपिंदर सिंह उर्फ पिंडू, जगदीप सिंह उर्फ जग्गी, गुरजीत सिंह, हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी, गुरप्रीत सिंह उर्फ बाबा, शमशेर सिंह उर्फ साबी, जतिंदर कुमार उर्फ बॉबी और योगेश कुमार उर्फ जैरी के रूप में हुई है।
पुलिस ने गैंगस्टर मनदीप सिंह मन्ना के द्वारा यह सारा क्राइम सीन तैयार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 2 पिस्तौल, 2 गाड़ियां, 5 बाइक बरामद किए हैं। जिसमें पुलिस ने एक होंडा सिटी कार (PB-12-F-6896), एक ऑल्टो कार (PB-12-AG-9956) सहित अन्यहथियार भी बरामद किए है। जांच से पता चला है कि यह हमला कथित तौर पर दो एनआरआई भाइयों दारा सिंह और दरबारा सिंह ने किया था, जो तलवंडी बूटिया के निवासी हैं और वर्तमान में इंग्लैंड में रहते हैं। भाइयों ने स्थानीय गैंगस्टर अमनदीप सिंह अमना को लगभग 10.5 एकड़ जमीन पर जबरन कब्जा करने के इरादे से हमला करने के लिए किराए पर रखा था।
संबंधित घटनाक्रम में, सहायक उप-निरीक्षक (ASI) अवतार सिंह को मामले के संबंध में कर्तव्य में लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा एसएचओ लोहियां बख्शीश सिंह को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस लाइन भेज दिया गया है।
पुलिस उपाधीक्षक (सब-डिवीजन शाहकोट) की रिपोर्ट के अनुसार, एएसआई अवतार सिंह भूमि विवाद से संबंधित एक पूर्व शिकायत पर उचित कार्रवाई करने में विफल रहे, जिससे हिंसक घटना को रोका जा सकता था।
पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया है और आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड हासिल किया है। जांच जारी रहने के कारण एनआरआई भाइयों दारा सिंह और दरबारा सिंह के लिए लुकआउट नोटिस जारी किए गए हैं।
जालंधर ग्रामीण पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरकमल प्रीत सिंह खख ने कहा, “हम इस मामले की गहन जांच करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि सभी दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। जालंधर ग्रामीण पुलिस पीड़ितों और उनके परिवार को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।”