जालंधर/वरुण: महानगर में प्रशासन ने सरकारी स्कूलों को लेकर विशेष पहल की शुरुआत की है। मामले की जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर जसप्रीत सिंह ने बताया कि विशेष पहल के तहत एक प्रोजैक्ट गैर-सरकारी संस्था आईसीआईसीआई फाऊंडेशन के सहयोग से शुरू किया गया है। जिसके तहत सरकारी स्कूलों की ईमारतों को बिजली उत्पादन के क्षेत्र में आत्म-निर्भर बनाने के लिए पहले चरण अधीन 40 स्कूलों का चयन किया गया है। इस प्रोजेक्ट के द्वारा 60 लाख रुपए की लागत से 40 किलोवाट की क्षमता वाले 11 रूफ टॉप सौलर पैनल पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह पैनल गांव जमशेर, बिनपालके, बल्ल, पचरंगा, वरियाना, चूहडवाली, कल्याणपुर, ढींडसा, नथेवाल और गोपालपुर के सरकारी स्कूलों में लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि शेष 29 स्कूलों में सौर पैनल जल्द लगाए जा रहे हैं और अगले पड़ाव में इन 40 स्कूलों में भूमिगत वर्षा जल संचयन प्रणाली को स्थापित किया जाएगा। आईसीआईसीआई फाऊंडेशन के कार्यकारी ट्रेनी बानी सिंह और कम्युनिटी फेसिलिटेटर साधु राम ने इस प्रोजैक्ट को शुरू करने के लिए सहायता प्रदान करने के लिए डिप्टी कमिश्नर का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि रूफ टॉप सोलर सिस्टम को पावर बैकअप सुविधा से लैस किया गया है, जिससे ये स्कूल बिजली के क्षेत्र में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनेंगे। उन्होंने कहा कि सोलर पैनल लगने के तुरंत बाद इन स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएगे।
उन्होंने यह भी बताया कि फाऊंडेशन की तरफ से सिविल अस्पताल को ब्लड ट्रांसपोर्ट व्हीकल उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे जिले में रक्त को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने में काफी आसानी होगी। इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर ने फाउंडेशन की तरफ से सीएसआर अधीन सामाजिक-आर्थिक बदलाव लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संस्था पहले ही जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विकास एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों से पहले से ही जुड़ा हुआ है और यह योजना सौर ऊर्जा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।