जालंधर,ENS: बॉलीवुड फिल्म Yaariyan 2 के सीन को लेकर छिड़े विवाद के बीच अहम खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार यारियां 2 फिल्म के एक्टर निजान जाफरी, डायरेक्टर राधिका राव, विनय सपरू और प्रोड्यूसर टी सीरीज कंपनी के मालिक भूषण कुमार के खिलाफ पुलिस थाना डिवीजन नंबर 4 में 295 -A के तहत मामला दर्ज किया गया है। जालंधर में सिख तालमेल कमेटी द्वारा यह मामला पुलिस को दर्ज करवाया गया है।

उन्होंने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। वहीं दूसरी ओर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) यारियां-2 फिल्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है। SGPC ने भारत सरकार से सेंसर बोर्ड में हर धर्म के प्रतिनिधि को शामिल करने की मांग भी की है। SGPC महासचिव गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने गीत सौरे घर के फिल्मांकन और प्रकाशन को लेकर सवाल उठाए हैं।
महासचिव ग्रेवाल ने कहा कि फिल्मों में सिख मर्यादा (आचरण), सिद्धांतों और जीवनशैली को ठेस पहुंचाने का काम किया जाता है। केंद्र सरकार ऐसे मामलों को लेकर गंभीर नहीं है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखकर फिल्में नहीं दिखाई जातीं। इसीलिए फिल्म निर्माता, निर्देशक और अभिनेता अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर ऐसी मनमानी करते हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय सेंसर बोर्ड को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी फिल्म में किसी भी धर्म की धार्मिक भावनाओं के खिलाफ कोई फिल्मांकन न हो, लेकिन जानकारी में लाने के बावजूद यह कृत्य जारी है। उन्होंने कहा कि यारियां-2 फिल्म के ‘सौरे घर’ वीडियो सॉन्ग में जान बूझकर सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है और सरकार अभी तक इस पर चुप है। महासचिव ग्रेवाल ने कहा कि SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के निर्देश पर फिल्मी गाने में सिख विरोधी कृत्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भी हरकत में आना चाहिए। महासचिव ग्रेवाल ने कहा कि SGPC मामले पर बहुत गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। पुलिस को शिकायत भी दर्ज करा दी गई है। भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों से भी संपर्क किया जाएगा। बता दें कि इस फिल्म में एक सीन दर्शाया गया है जिसमें एक एक्टर ने कृपाण पहन रखी है और वह सीन के दौरान लड़की के साथ छेड़छाड़ करता हुआ नजर आ रहा है। फिल्म के इस सीन को लेकर सिख संगठनों द्वारा एतराज जताया जा रहा है।