जालंधर/वरुणः जंग-ए-आजादी स्मारक की जांच में विजिलेंस द्वारा बरजिंदर सिंह हमदर्द को तलब किए जाने के विरोध में आज कांग्रेस पार्टी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में कांग्रेस के साथ भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के नेता भी पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस से प्रताप सिंह बाजवा और नवजोत सिंह सिद्धू और विधायक परगट सिंह भी मौजूद रहे। वहीं अजीत ग्रुप के मैनेजिंग एडिटर बरजिंदर सिंह हमदर्द को हाईकोर्ट से राहत मिली है। मीडिया के मुताबिक, बरजिंदर सिंह हमदर्द को मामले की जांच में शामिल होने के लिए विजीलैंस कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा है कि विजिलेंस को जो भी पूछताछ करनी है, उसके लिए लिखित प्रश्न बरजिंदर सिंह हमदर्द को भेजे जाएंगे, जिसका वह जवाब देंगे और उन्हें जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया जाएगा। हाईकोर्ट ने ये आदेश बरजिंदर सिंह हमदर्द की याचिका पर दिए हैं। हाईकोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि अगर इस मामले में हमदर्द के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाती है तो उसे 7 दिन का नोटिस दिया जाए। साथ ही इस मामले को लेकर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इस मामले की सुनवाई 16 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
वहीं बैठक में कैंट से विधायक एवं पूर्व मंत्री प्रगट सिंह ने कहा कि पत्राकरिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। पत्रकार सच्चाई को सामने लाते हैं लेकिन मौजूदा सरकार उनका भी गले घोंटने पर उतारू है। प्रगट सिंह ने कहा कि जो दिल्ली केंद्र में भाजपा की सरकार कर रही है, उससे कहीं ज्यादा धक्का पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार कर रही है। दूसरी ओर अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि पंजाब की मान सरकार ने यह हमला सिर्फ बरजिंदर सिंह हमदर्द पर नहीं बोला है बल्कि प्रेस की आजादी पर हमला बोला है। जिस व्यक्ति की पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत को इतनी बढ़ी देन हो और जिसकी तारीफ खुद राष्ट्रपति की और पदम विभूषण से लेकर पदम श्री दिया हो उस इंसान को टार्गंट करना निंदनीय है।
जबकि भाजपा के प्रधान अश्विनी शर्मा ने कहा कि पंजाब की भगवंत मान सरकार लोकतंत्र की आवाज को दबाना चाहती है। आज भगवंत मान सरकार की दमनकारी नीतियों को खिलाफ सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। इस बैठक के बाद भारतीय जनता पार्टी अपना स्टैंड बताएगी। अहंकार में डूबी सरकार के मुखिया अपने आका को खुश करने के लिए लोकतंत्र में बोलने की आजादी के मिले अधिकार को छीनने की कोशिश कर रही है। अश्विनी शर्मा ने कहा कि सभी लोगों को राजनीति से ऊपर उठकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करनी चाहिए।
