नगर निगम और उपचुनाव के लिए मंथन शुरू
जालंधर, ENS: लोकसभा चुनाव के खत्म होने के एक माह बाद वेस्ट हलके में उपचुनाव हुए। जिसमें आप पार्टी के उम्मीदवार मोहिंदर भगत ने 37 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की। वहीं इस चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी है। ऐसे में कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी बजनी शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस में आगामी चुनावों को लेकर मंथन शुरू हो गया है। दरअसल, वेस्ट हलके से चरणजीत सिंह चन्नी ने भारी लीड हासिल की थी।
लेकिन एक माह के बाद वेस्ट हलके में हुए उपचुनाव ने कांग्रेस से मुंह फेरते हुए आप पार्टी पर विश्वास जताया। कांग्रेस के लिए इस उपचुनाव के जारी नतीजों से मुश्किलें इसलिए बढ़ गई है क्यों कि इस चुनाव की सारी जिम्मेदारी चरणजीत सिंह चन्नी के कंधों पर थी। ऐसे में उपचुनाव में कांग्रेस ने अपना सब कुछ झोंक दिया था। कांग्रेस के लिए चिंता का कारण यह भी है कि अभी उसे 4 और उपचुनाव और 5 नगर निगम चुनाव लड़ने हैं।
दोआबा की दलित राजनीति में चौधरी परिवार के पतन के बाद चरणजीत सिंह चन्नी नए नेता के रूप में उभरे थे। लेकिन लोकसभा चुनाव के एक माह के बाद कांग्रेस तीसरे नंबर पर पहुंच गई। इस उप चुनाव में आप के मोहिंदर भगत ने चुनाव में जीत हासिल की। वहीं भाजपा के शीतल अंगुराल 17,921 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे, जबकि कांग्रेस की महिला उम्मीदवार सुरिंदर कौर 16,757 वोट लेकर तीसरे स्थान पर आईं। बताया जा रहा है कि चुनाव सीधे चन्नी के चेहरे पर लड़ा गया था।
